टीवी को नहीं, इसके भीतर माल भरने वाले मनुष्यों को देखना-सुनना ही बंद करना होगा. बंद करेंगे तभी उन पर दबाव बनेगा कि वो कुछ बेहतर करें. और यह काम जल्दी नहीं किया तो खतरा बढ़ता जा रहा है.
सचिन पायलट का विद्रोह वसुंधरा राजे और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत दोनों के लिए ही वरदान साबित हुआ. दोनों ने ही नई दिल्ली स्थित केंद्रीय नेतृत्व को अपनी हैसियत का एहसास कराया.
पाकिस्तान को एक बिलियन डॉलर का सऊदी का कर्ज चुकाने को कहा गया था, जो उसने चीन से उधार लेकर चुका भी दिया. लेकिन कुरैशी ने इसे कोविड-19 के समय में अरब राष्ट्र के लिए इकोनॉमिक फेवर बता दिया.
बीजेपी न केवल चुनाव जीत कर आ रही है बल्कि उसने बिजनेस घरानों, संवैधानिक संस्थानों, विश्वविद्यालयों, बालीवुड, खेलकूद, मीडिया, सोशल मीडिया आदि में मजबूती से जगह बनाई है.
हिंदुओं ने मथुरा आंदोलन की शुरुआत के साथ मथुरा में एक कृष्ण जन्मभूमि ट्रस्ट की स्थापना भी कर दी है. इसके हेड आचार्य देव मुरारी ने कहा है कि वे एक राष्ट्रव्यापी आंदोलन शुरू करने जा रहे हैं.
इसके लिए तो खुद चीन ही जिम्मेदार है, उसने अपनी आर्थिक ताकत का बार-बार और प्रायः बेजा इस्तेमाल करके दूसरे देशों को नुकसान पहुंचाया और इन पर अपनी मनमर्जी चलाई.
सपा और बीएसपी एक साथ फुले और परशुराम को साध रही हैं. ये लगभग वैसा है कमाल है जो आरएसएस और बीजेपी गांधी, गोडसे, आंबेडकर और सावरकर को एक साथ साधकर करती है.
अयोध्या में 5 अगस्त को राम मंदिर के भूमि पूजन के बाद दक्षिणपंथी टीकाकारों ने दावा किया कि मंदिर का ‘पुनर्निर्माण अपने पूर्वजों के प्रति भारतीयों की सभ्यातागत जिम्मेदारी है’. इससे अधिक दकियानूसी बात और कुछ नहीं हो सकती.