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Tuesday, 24 February, 2026
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बंगाल ने भाजपा के अश्वमेध यज्ञ को रोक दिया, आखिरकार भारत को एक अवसर हाथ लगा है

विजय की इस घड़ी में भी भारतीयों को ये बात स्वीकार करनी चाहिए कि पश्चिम बंगाल और केरल में बीजेपी की अपमानजनक हार की कथा लोकतंत्र पर दावेदारी के लिए जारी संघर्ष की कथा का विस्तार नहीं करती.

क्या भारत फिर से ‘तीसरी दुनिया’ का देश बन गया है? कोविड ने महाशक्ति बनने की चाह वाले देश की विडंबना को उजागर किया

हाल में कुछ कामयाबियों के कारण एक नयी कहानी लिखी जाने लगी. खास तौर से कुछ देशभक्त आंखों को भारत ‘तीसरी दुनिया’ से निकलकर ‘उभरते बाज़ार’, यहां तक कि उभरते ‘सुपर पावर’ के रूप में नज़र आने लगा.

मई दिवस- मोदी सरकार ने कैसे भारत को एक भयानक संकट के बीच लाकर खड़ा कर दिया

किसी ने यह देखने की कोशिश नहीं की कि भारत के पास पर्याप्त वैक्सीन, ऑक्सीजन, रेमडिसिविर दवा है या नहीं. अब देश ऐसे संकट में फंस गया है कि चार दशक बाद हम विदेशी मदद के मोहताज हो गए.

क्या अशोक लवासा मामले ने EC को पूरी तरह बदल दिया ? भारत को क्यों एक और टीएन शेषन की जरूरत है : EX-IAS...

चुनाव आयुक्तों को पश्चिम बंगाल में उतावलेपन पर काबू पाना चाहिए था, लेकिन उनके पक्षपातपूर्ण रवैये ने सिविल सेवाओं के बारे में नकारात्मक छवि को मजबूत ही किया है.

2021 के चुनाव ने बंगाल के अनूठेपन को खत्म किया, सूबे और देश में अब चुनाव अमेरिकी तर्ज पर लड़े जाएंगे

लंबे अरसे तक बंगाल में दलगत प्रतिद्वन्द्विता अनूठी बनी रही. चुनाव अभियानों में तब राजनीतिक कार्यकर्ता विचारधारा की भाषा बोला करते थे. लेकिन अब ऐसा नहीं रहा.

क्या ‘लाटसाहब’ के पास जादुई छड़ी है कि घुमाते ही कोरोना से बेहाल दिल्ली की स्वास्थ्य सुविधाएं बेहतर हो जाएंगी

इस कानून की संवैधानिकता को न्यायालय में चुनौती दी जायेगी और आम आदमी पार्टी तथा दिल्ली की निर्वाचित केजरीवाल सरकार अपने अधिकारों में कटौती के इन प्रयासों के खिलाफ हर तरह की मोर्चांबंदी करेगी.

सिस्टम से खिलवाड़ न करें, Covid की दूसरी लहर में लोगों की ख़ुशी के लिए कौटिल्य के लक्ष्य पर लौटें

सिस्टम के बहुत से हिस्सों को दोषी ठहराया जाएगा. केंद्र राज्यों पर दोष मढ़ेगा और तमाम सरकारें निजी क्षेत्र और लोगों की अनुशासनहीनता को ज़िम्मेदार ठहराएंगी.

‘3 इडियट्स’ का नैरेटिव अब BJP की मदद क्यों नहीं कर रहा

कोविड की इस ताज़ा चुनौती का पैमाना इतना बड़ा है कि उसे बहस की कला और कुतर्क से संभाला नहीं जा सकता.

कोरोना : ‘Restore Earth’ की नकली कोशिशें हमें यह समझने नहीं देती कि ऑक्सीजन लेवल क्या होता है

प्रकृति के साथ की जा रही इस मनमानी डील की सीटूसी कभी तो निकालनी पड़ेगी, हम नहीं तो हमारे आसपास खेल रहे बच्चों को यह कीमत चुकानी ही पड़ेगी.

पंचायती राज संस्थाओं में 77% महिलाएं मानती हैं कि वो ज़मीनी स्तर पर आसानी से बदलाव नहीं ला सकतीं

भारत में जमीनी स्तर पर राजनीति बदल रही है और ये पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं की बदौलत हो रहा है.

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एक वायरल बंदर, एक IKEA का प्लश टॉय और US सुप्रीम कोर्ट का फैसला: टैरिफ के बारे में क्या बताते हैं

पंच का अपने प्लश टॉय से लगाव उसके देश से नहीं, बल्कि उससे मिलने वाले आराम से है. इसी तरह, ग्राहक जियोपॉलिटिकल लेबल से ज्यादा भरोसे और डिजाइन को प्राथमिकता देते हैं.

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राजनीति

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बिहार के नवगछिया में भीषण सड़क हादसे में चार लोगों की मौत, कई घायल

भागलपुर, 24 फरवरी (भाषा) बिहार के भागलपुर जिले के नवगछिया में मंगलवार को हुए एक भीषण सड़क हादसे में चार लोगों की मौत...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.