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Wednesday, 14 January, 2026
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कांशीराम का बहुजन आंदोलन सिर्फ राजनीतिक नहीं, सांस्कृतिक भी था

BSP की घटती हुई राजनीतिक शक्ति का मतलब ये नहीं है, कि बहुजन आंदोलन के लिए सब कुछ ख़त्म हो गया है. कांशीराम जयंती याद दिलाती है, कि जाति-विरोधी आंदोलन आम लोगों के बीच अभी भी जीवित है.

कैसे मोदी सरकार पुराने भारत में एक न्यू इंडिया का निर्माण कर रही है

लेकिन हमेशा से जो जाना-पहचाना भारत है वह हर कदम पर सामने आकर खड़ा हो जाता है और ‘इंडिया के नये आइडिया’ को ठोस रूप देने की महत्वाकांक्षा के लिए एक समस्या बन जाता है.

मोदी का भारत विश्वगुरू बनना चाहता है, लेकिन तुनकमिजाजी इतनी कि जरा सी असहमति बर्दाश्त नहीं

दुनिया को भारत से बड़ी अपेक्षाएं हैं, जो पूरी नहीं होतीं तो वह शिकायत करने लगती है; मोदी सरकार को दुनिया से अपनी वाहवाही तो बहुत अच्छी लगती है मगर आलोचना से वह नाराज क्यों होती है और उसे खारिज करने पर क्यों आमादा हो जाती है.

कमांडरों के सम्मेलन में मोदी का भाषण सुनकर क्यों सेना के आला अधिकारी सिर खुजला रहे हैं

1971 की लड़ाई के जब 50 वर्ष पूरे होने जा रहे थे तब अपेक्षा तो यही थी कि कमांडरों की बैठक वेलिंगटन के डिफेंस कॉलेज में होती, जहां फील्ड मार्शल सैम मानेक शॉ चिर-निद्रा में सो रहे हैं.

इमरान खान का पाकिस्तानियों को महंगाई से ‘घबराना नहीं’ संदेश अब एक वायरल जुमला बन गया है

'घबराना नहीं है’ आमिर खान के 'ऑल इज़ वेल' जैसा ही जुमला है लेकिन इसमें सब 'वेल' रहने का कोई वादा नहीं है.

उत्तराखंड में मुख्यमंत्री बदलना क्या नरेंद्र मोदी के ‘महानायकत्व’ पर सवाल खड़े करता है

अपनी सरकार की चौथी वर्षगांठ मनाने की तैयारियों में व्यस्त उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत को भान भी नहीं रहा होगा कि उन्हें अचानक इस तरह दिल्ली बुलाया और इस्तीफे के लिए मजबूर कर दिया जायेगा.

आखिर क्यों एमएसपी एक फ्रॉड हैः योगेंद्र यादव

प्रधानमंत्री ने जो शानदार वादा किया था कि 'एमएसपी था, है और रहेगा' उसकी सच्चाई को परखने के लिए बेल्लारी की सरकारी कृषि मंडी एक बेहतर जगह साबित हो सकती है. केंद्र की तरफ खड़े होकर राज्य पर दोषारोपण करने या फिर राज्य की तरफ खड़े होकर केंद्र पर दोष मढ़ने का जो सदाबहार खेल चलता है.

लोगों के विचारों की चिंता न करके मोदी सरकार खुद को हराने की राह पर है

स्वच्छ भारत या उज्जवल भारत जैसे अभियानों की सापेक्षिक सफलता में, प्रभावी मैसेजिंग, अक्सर स्वयं प्रधानमंत्री द्वारा, का महत्वपूर्ण योगदान रहा है. लेकिन ये मैसेजिंग आमतौर पर एकतरफा प्रक्रिया है. इसमें नागरिकों की प्रतिक्रिया पर बहुत कम ध्यान दिया जाता है

अफगानिस्तान में अमन, भारत-पाकिस्तान के लिए स्थिरता की वकालत करते हुए US की दक्षिण एशिया में वापसी

भारत और पाकिस्तान के बीच नेपथ्य में चलने वाली गुफ्तगू के लिए अगले कुछ महीने में और मौके मिलने वाले हैं और इस बीच अमेरिका को अफगानिस्तान के लिए अपनी नयी रणनीति तय करने का भी मौका मिल जाएगा

बाइडन का सुरक्षा प्लान दिखाता है कि US साझेदारों के लिए परेशान हैं पर भारत को सूझ-बूझ दिखानी होगी

भारत के लिए एक ताकत सीमा पर पहाड़ों के पार ही पड़ोसी के रूप में मौजूद है, तो दूसरी हमारे समुद्र में जमी हुई है. जाहिर है, भारत की अपनी रणनीति और जटिल ही होती जाएगी.

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उप्र : अपनी बूढ़ी दादी के 10 लाख रुपये से अधिक के गहने चुराने के आरोप में युवक गिरफ्तार

भदोही (उप्र), 14 जनवरी (भाषा) भदोही जिले में पुलिस ने 25 साल के युवक को अपनी 80 साल की दादी के 10 लाख...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.