2016 के विधानसभा चुनाव में 3 सीटों से पांच वर्ष (2021) में 77 सीटों तक पहुंची भाजपा के लिए अब टीएमसी को उखाड़ फेंकना सिर्फ समय की बात है. ये काम चुनौती भरा ज़रूर है लेकिन असंभव नहीं है.
पाकिस्तान की सभी पार्टियों के सियासतदानों ने अतीत में रमज़ान महीने का इस्तेमाल PR के कामों के लिए किया है लेकिन सिर्फ इमरान खान ही ऐसे परस्पर-विरोधी शो का मुज़ाहिरा करने में कामयाब हुए हैं.
प्राचीन रोम के लोग 'रोटी और सर्कस' की मिसाल देते थे कि कैसे लोगों को थोड़ा सा भोजन और भरपूर मनोरंजन दिया जा सकता है. भारतीयों को भी उसी तरह खुराक दी जा रही है और बेवकूफ बनाया जा रहा है.
सेना की पूरी क्षमता का उपयोग नहीं किया जा रहा है, न उन्हें निर्णय प्रक्रिया में शामिल किया जाता है और न सेना के प्रतिनिधियों से सलाह-मशविरा किया जाता है.
चीन के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स साइनो वीबो और बायडू पर आधिकारिक अकाउंट्स के जरिए भारत में श्मशान घाटों और चिताओं की फोटो को शेयर करके मज़ाक बनाया जा रहा है.
बंगाल से मिले साफ संदेश के बावजूद मोदी ने मंत्रिमंडल में फेरबदल करने के बारे में ‘सोचना’ अगर नहीं शुरू किया है तो इसके केवल दो कारण हो सकते हैं. पहला यह कि सारे फैसले तो पीएमओ से ही किए जाते हैं; दूसरी वजह अति आत्मविश्वास और निश्चिंतता हो सकती है.
मोदी सरकार ने रक्षा के महकमे में कई सुधारों की शुरुआत की है लेकिन केवल राजनीतिक क्षमता व कौशल रखने वाला रक्षा मंत्री शायद ही उन सुधारों को आगे बढ़ा पाएगा.
कोविड रिस्क के बावजूद किसानों ने पंजाब, हरियाणा, मध्य प्रदेश, राजस्थान में न केवल फसल की कटाई की बल्कि उसे मंडियों में भी बेचा. बिहार और यूपी को जरूर सबक लेनी चाहिए.
पंच का अपने प्लश टॉय से लगाव उसके देश से नहीं, बल्कि उससे मिलने वाले आराम से है. इसी तरह, ग्राहक जियोपॉलिटिकल लेबल से ज्यादा भरोसे और डिजाइन को प्राथमिकता देते हैं.