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Thursday, 26 March, 2026
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‘सूचना के मैदान-ए-जंग’ के बारे में सेनाध्यक्ष की चेतावनी की अनदेखी नहीं की जा सकती

’सूचना युद्ध’ में भारत का नेशनल इन्फोर्मेशन बोर्ड क्या योगदान दे रहा है इसे अभी देखना बाकी है. इसे पटरी पर लाने के लिए फंड की जरूरत है.

तेलंगाना के CM के ‘नए संविधान’ का विचार आत्मघाती है, इसमें RSS के प्रोपेगेंडा की झलक दिखती है

केसीआर की कई बातें हिंदुत्व के विचार से मिलती हैं. उनके नए संविधान का विचार भी मोदी का विरोध करते हुए आरएसएस को संतुष्ट करने वाली है.

यूक्रेन संकट के कारण गहरा सकती है भारत-रूस के बीच की खाई

रूस-यूक्रेन के संकट का असर निश्चित तौर पर भारत की विदेश और सुरक्षा नीतियों पर पड़ने वाला है. इससे रूस और चीन के साथ...

ओवैसी पर गोलियां चलने पर विपक्षी चुप हैं, उनका यह सोचना गलत है कि इससे हिंदू भड़क जाएंगे

विपक्षी नेताओं ने कुछ पूर्वाग्रह पाल रखे हैं कि अगर वे मुसलमानों से संबंधित मसलों को उठाएंगे तो हिंदू समुदाय किस तरह प्रतिक्रिया करेगा. वे यह नहीं समझ पाते कि अधिकांश हिंदू इतने समझदार और उदार जरूर हैं कि वे ओवैसी के भड़काऊ बयानों को हंसी में उड़ा दें.

प्रेम को सुर दिए, व्यथा को कंधा और आंसुओं को तकिया अता की- फिर आना लता जी, आज फिर जीने की तमन्ना है

अपनी शालीन, नाज़ुक, गहरी और रूहानी आवाज़ से उन्होंने लगभग सात दशकों तक हमारी खुशियों, शरारतों, उदासियों, दुख, हताशा और अकेलेपन को अभिव्यक्ति दी.

कानून व्यवस्था के मुद्दे पर लड़ाई में नजर आ रही बसपा, UP चुनाव के नतीजे चौंकाने वाले हो सकते हैं

कभी बसपा को मुकाबले से बाहर मानने वाले भाजपा नेता अमित शाह और योगी आदित्यनाथ अब मायावती पर जोरदार हमला बोल रहे हैं.

आर्थिक विकास तो महत्वपूर्ण है, लेकिन भारत को बेरोजगारी, गरीबी, स्वास्थ्य, पर्यावरण पर भी ध्यान देना जरूरी है

सरकार अगर यह सोचती है कि आर्थिक वृद्धि ही समाधान है, तो क्या बढ़ती दरों के कारण सुस्त पड़ती विश्व अर्थव्यवस्था में यह समाधान कारगर होगा, खासकर इस बात के मद्देनजर कि महामारी से पहले ही घरेलू आर्थिक वृद्धि की दर धीमी थी.

मोदी भावनाओं के सफल सौदागर हैं, फैक्ट चेक के जरिए उनका मुकाबला नहीं कर पाएंगे राहुल गांधी

राहुल गांधी के तरकश में अभी सिर्फ तथ्य हैं, भावनात्मक मुद्दे नहीं. हो सकता है कि वे यही चाहते हों कि तथ्यों से भावनाओं का मुकाबला किया जाए.

UP में बीजेपी की ‘आईडेंटिटी पॉलिटिक्स’ में एक नया वर्ग जुड़ा है जिसे ‘लाभार्थी’ कहते है

इन चुनावों में गरीब और वंचित समुदाय के घर मुफ्त राशन के लाभार्थी और उसे अगले साल पाने के आकांक्षियों से बीजेपी को चमत्कार की उम्मीद है.

राहुल गांधी का लोकसभा में दिया भाषण काफी महत्त्वपूर्ण था, BJP उन्हें फिर एक बार गंभीरता से ले रही

कांग्रेस नेता राहुल गांधी बहुत मुश्किल से ही राजनीतिक खबरों में नज़र आते हैं. लेकिन इस सप्ताह, वे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से लेकर द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम (डीएमके) पर दिए अपने बयानों को लेकर चर्चा में बने रहे.

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सीबीआई ने एसबीआई धोखाधड़ी मामले में रिलायंस टेलीकॉम, पूर्व निदेशकों के खिलाफ छापेमारी की

नयी दिल्ली, 26 मार्च (भाषा) केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) में 114.98 करोड़ रुपये की कथित तौर पर धोखाधड़ी...

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सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.