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Wednesday, 8 April, 2026
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नेशनल इंट्रेस्ट

मंदिर या मस्जिद? नए सर्वे की जरूरत नहीं, बस सच्चाई को स्वीकार कर सुलह की ओर बढ़ें

यह तो निर्विवाद तथ्य है कि मंदिर तोड़े गए और मस्जिदें बनाई गईं, अब उस इतिहास को बदला नहीं जा सकता लेकिन सौहार्द पर विचार करने से पहले हम अतीत की गलतियों से इनकार नहीं कर सकते.

एंबेसडर कार की तरह कांग्रेस पर भी अस्तित्व का संकट, नया मॉडल नहीं नया ब्रांड लाने से सुधरेगी हालत

पुरानी एंबेसडर कार की तरह कांग्रेस ने भी खुद को नये अवतार में ढालने की कई नाकाम कोशिशें की लेकिन उसे अपने शानदार अतीत से आगे बढ़कर कुछ ऐसा करना पड़ेगा जो भविष्य के लिए उम्मीदें जगाता हो.

देश में उभर रहा है नया ‘राजनीतिक विकल्प’ और यह सिर्फ BJP के लिए ही बुरी खबर नहीं है

भाजपा की पुरानी प्रतिद्वंद्वी देशभर में कमजोर होती जा रही है और उसकी जगह नयी, ज्यादा मुखर, ज्यादा लोकलुभावन और ज्यादा आक्रामक विपक्ष उभर रहा है.

मोदी सरकार विरोधियों के खिलाफ यूज़ कर रही ‘Triple Weapon’ पॉलिसी, तो देश में उभर रहा नया MAD सिद्धांत

केंद्र सरकार अगर अपने विरोधियों को धमकाने, जेल में भेजने के लिए अपनी एजेंसियों का इस्तेमाल कर रही है, तो गैर-भाजपाई मुख्यमंत्रियों ने इसी तरह से प्रतिकार करने का जो तरीका चुना है वह आगे और तीखा रूप ले सकता है 

बुलडोजर जब एक बार फिर गरीबों को निशाना बना रहे, तो क्यों न दिल्ली के ‘रिपब्लिक ऑफ सैनिक फार्म’ को भी याद कर लें

दिल्ली का सैनिक फार्म कभी एक विशाल हरा-भरा इलाका था. इस पर सबसे पहले रिटायर्ड जनरलों की सेना की नजर पड़ी और देखते ही देखते राजधानी का ये कवच तोड़कर इसे पूरी तरह कब्जा लिया गया.

मुस्लिमों के साथ दिखने से विपक्ष को परहेज क्यों? मोदी सत्ता ने कैसे उनकी कल्पनाशीलता छीन ली है

ऐसा लगता है कि भाजपा के वर्चस्व ने उसके प्रतिद्वंद्वियों के राजनीतिक कौशल और कल्पनाशीलता को खत्म कर दिया है. वे इस्लाम के नाम से भी डरने लगे हैं और मुसलमानों के साथ देते दिखना नहीं चाहते.

‘विश्व गुरु’ आईने में अपना चेहरा देखें: दंगों और बुलडोजर से भारत की प्रतिष्ठा नहीं बढ़ेगी

आलोचनाओं पर आग बबूला होकर क्या हम अपनी नैतिक प्रतिष्ठा बढ़ा सकते हैं? पक्षधर लोग तो आपके लिए तालियां बजाएंगे, मगर इसका मतलब यह नहीं है कि हम अपने भीतर झांकने की सलाहियत खो दें. या अपने शुभचिंतकों की बातों पर ध्यान न दें.

यूक्रेन संकट से ज़ाहिर है कि युद्ध की वजह स्वार्थ और घृणा होती है न कि नस्ल, धर्म और सभ्यता

दुनिया इस तरह बदल चुकी है जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी, उन्होंने भी नहीं की होगी जो लोगों को आपस में लड़ाने के लिए उन्हें धर्म, संस्कृति, और सभ्यतागत अंतरों के आधार पर बांटते हैं.

कर्नाटक के सामने एक समस्या है: BJP की विभाजनकारी राजनीति बेंगलुरु की यूनिकॉर्न पार्टी को बर्बाद क्यों कर सकती है

भाजपा की विभाजनकारी राजनीति कर्नाटक की सामाजिक समरसता, सबको साथ लेकर चलने वाली संस्कृति और देश की आर्थिक वृद्धि के लिए जरूरी उद्यमशीलता के विकास के लिए एक खतरा है.

यूक्रेन पर भारत की नीति को अनैतिक कहना पश्चिमी देशों का दोगलापन है, उन्हें अपने गिरेबान में झांकना चाहिए

संयुक्त राष्ट्र में भारत की गैरहाजिरी पर पश्चिमी देशों ने न सिर्फ उसकी आलोचना की बल्कि अनैतिकता को लेकर ताने भी कसे. लेकिन ऐसे कई कारण हैं जिनकी वजह से हम भारतीय नीति को सिर्फ इसी संदर्भ में नहीं आंक सकते. और जो ऐसा करते हैं, उन्हें खुद अपने गिरेबान में झांककर देखना चाहिए.

मत-विमत

पानी से वीज़ा और सुरक्षा तक—हसीना के बाद आगे बढ़े भारत-बांग्लादेश संबंध

बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान की इस हफ्ते नई दिल्ली की दो दिन की यात्रा, एक बड़े प्रतिनिधिमंडल के साथ, को ‘बड़ा कूटनीतिक ब्रेकथ्रू’ माना जा रहा है.

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राजनीति

देश

तेलंगाना में दो अलग-अलग सड़क दुर्घटनाओं में पांच की मौत

हैदराबाद, आठ अप्रैल (भाषा) तेलंगाना में दो अलग-अलग सड़क हादसों में पांच लोगों की मौत हो गई और एक अन्य घायल हो गया। पुलिस...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.