डॉ. पचिपाला नम्रता के फर्टिलिटी क्लीनिक तेलंगाना, आंध्र प्रदेश में करीब 3 दशकों तक चले. उनके मरीज़ों को किसी और का बच्चा मिल जाता था. पुलिस का कहना है कि उनके एजेंट को हर बच्चे के लिए 50 हजार रुपये मिलते थे.
नयी दिल्ली, 25 फरवरी (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने बुधवार को राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) की आठवीं कक्षा की पाठ्यपुस्तक में...
कोच्चि, 25 फरवरी (भाषा) ऑल इंडिया स्पाइसेज एक्सपोर्टर्स फोरम (एआईएसईएफ) और यूरोपीय स्पाइस एसोसिएशन (ईएसए) ने भारत-यूरोपीय संघ मसाला व्यापार में खाद्य सुरक्षा,...
सरकार कड़वा सच क्यों नहीं बोल सकती, इसे समझना बहुत आसान है. तमाम युद्धों की तरह यह युद्ध भी जब रुक जाएगा तब भी भारत के हित विजेता के साथ भी जुड़े होंगे और हारने वालों के साथ भी.