पुलिस का कहना है कि अन्वेश ओडिशा की रिवाइज्ड रिहैबिलिटेशन पॉलिसी के तहत सरेंडर करना चाहता था, जिसके कारण सीनियर माओवादी नेताओं के साथ उसकी अनबन हो गई और कहा जाता है कि इसी वजह से उसकी हत्या कर दी गई.
एक चीज़ जो ट्रांस की खूबसूरती को ज़िंदा रखती है, वह है उनका समुदाय और अपनापन. लेकिन कानून बनाने वालों की नजर में, यह अपनापन ‘धोखा’, ‘लुभाना’ और ‘गलत असर डालना’ बन जाता है.