केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि उसने युद्धग्रस्त यू्क्रेन में फंसे 22,500 भारतीय छात्रों को निकालने का ‘बहुत बड़ा काम’ पूरा कर लिया है जिसके बाद न्यायालय ने उससे संबंधित दो मुकदमों को सोमवार को बंद कर दिया.
अफगानिस्तान, कैमरून, म्यांमार और सूडान का सिलेक्शन सवाल खड़ा करता है. खासकर तब जब इस समय ब्रिटेन में शरण मांगने वालों में पाकिस्तानियों की संख्या सबसे ज्यादा में से एक है.