समिति के सदस्यों में से एक अनिल घनवट ने सोमवार को यह रिपोर्ट सार्वजनिक की. उन्होंने कहा कि समिति के सामने अपना पक्ष रखने वाले 73 कृषि निकायों में से 61 ने कृषि कानूनों का समर्थन किया था.
लोकतंत्र की ‘रेटिंग’ करना एक जोखिम भरा काम है. मैं केवल इस सीधी-सी कसौटी को लागू करता हूं—कहां सबसे शांतिपूर्वक तथा सामान्य ढंग से राजनीतिक सत्ता का निरंतरता के साथ बदलाव होता रहा है.