जसिंता केरकेट्टा की कविताओं से स्पष्ट दिखलाई पड़ता है कि इन कविताओं के पीछे गहरे अनुभव और बहुत हद तक खुद झेली हुई पीड़ा का संसार है. यही चीज़ उनकी कविताओं से बेबाकी के साथ प्रतिरोध का स्वर उभारती हैं.
भारत धीरे-धीरे ऐसे मॉडल की ओर बढ़ रहा है जहां विकास सिर्फ महिलाओं तक पहुंचाया नहीं जाता, बल्कि महिलाओं द्वारा ही बनाया और आगे बढ़ाया जाता है. भारतीय महिलाएं नवाचार करने वाली और समुदाय की नेता हैं.