जस्टिस विपिन सांघी और जस्टिस नवीन चावला की बेंच ने सोमवार को केंद्रीय विद्यालय संगठन और केंद्र सरकार से शिक्षा मंत्रालय के जरिए प्रतिक्रिया मांगी है और उन्हें काउंटर एफिडेविट फाइल करने के लिए दो हफ्ते का समय दिया है.
एक पक्ष सोचता है कि आज भारत अपनी हैसियत से ज्यादा आगे बढ़कर कदम उठा रहा है, जबकि दूसरा पक्ष सोचता है कि मोदी ने भारत की हैसियत कमजोर कर दी है और भारत अपनी हैसियत से कम कदम उठा रहा है. सच यह है कि दोनों ही गलत हैं.