इसी कानून के सहारे एएसआई ने दावा किया कि कुतुब मीनार परिसर में किसी को उपासना का अधिकार नहीं है. हिंदू सेना ने उपासना स्थल अधिनियम के विरोध के लिए इसी का इस्तेमाल किया. दिप्रिंट समझाता है कि दोनों मामलों में इस कानून की क्या भूमिका है.
आज निरंतर बदलती विश्व व्यवस्था भारत के लिए एक मौका उपलब्ध करा रही है जिसका लाभ उठाने के लिए उसे खुद को अनुशासित रखना होगा ताकि पाकिस्तान जब अपने लिए मौका देख रहा है तब हम हड़बड़ी में कोई प्रतिक्रिया न कर बैठें.