दुनिया में यूरिया के चार शीर्ष खरीदारों में से एक भारत ने अगले 7 महीनों के लिए 287 लाख मीट्रिक टन का प्रावधान किया है. ये ऐसे समय किया गया है जब यूक्रेन के साथ रूस की लड़ाई से उर्वरकों की कमी पैदा हो गई है.
सप्लाई चेन में रुकावट, शिपिंग लागत बढ़ना और जरूरी सामान की कमी से दुनिया में सप्लाई शॉक आ सकता है, जिससे अर्थव्यवस्थाएं अस्थिर होकर मंदी में जा सकती हैं.