इस साल पूर्वोत्तर भारत और बांग्लादेश में बाढ़ से लाखों लोग विस्थापित हुए हैं. अब एक सालाना रूप ले चुकी इस परिघटना के पीछे कई कारकों का एक अस्थिर संगम है जो एक पहले से ही खराब समस्या को और बदतर बना देता है.
क्या किसी ने सच में यह जांचा कि चर्च जाने के बावजूद उन्होंने हिंदू रीति-रिवाज़ बनाए रखे थे या नहीं? यह पता नहीं है, क्योंकि इसके लिए किसी व्यक्ति की निजी ज़िंदगी में और गहरी जांच करनी पड़ती, और कोई भी राज्य इतने लोगों की निजी ज़िंदगी में इतना अंदर तक नहीं जा सकता.