अगस्त 2017 में गोरखपुर बीआरडी मेडिकल कॉलेज में कथित रूप से ऑक्सीजन की कमी से 60 बच्चों की मौत के मामले में डॉ कफ़ील समेत नौ लोगों को आरोपी ठहराया गया था.
नौकरशाहों और राजनेताओं के बाद पत्रकारों की कथित संलिप्तता से मामला बहुत आगे बढ़ गया है और लोगों में इसमें शामिल लोगों की वास्तविक पहचान जानने के बारे में उत्सुकता बढ़ गई है.