त्रिपुरा में उन बंगालियों की खासी संख्या है जो नाथ संप्रदाय से हैं. भाजपा को लगता है आदित्यनाथ, जो स्वयं नाथ सम्प्रदाय से हैं, हिंदू वोटों को एक कर पाएंगे.
ठाकुर ने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के साथ राजनीतिक करियर की शुरुआत की थी और बढ़ते हुए 52 वर्ष की अवस्था में हिमाचल के मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुंचे.
मुझे विश्वास है कि संवेदनशीलता से कदम उठाया जाए तो अच्छी तादाद में नक्सल लड़ाके अंडरग्राउंड ज़िंदगी छोड़ देंगे और राष्ट्र की मुख्यधारा में आ जाएंगे. आखिर हम किन्हें मार रहे हैं? वह तो हमारे ही नागरिक हैं.