इन नियुक्तियों का अब तक डीजीपी के पास विशेषाधिकार रहा है. एक पूर्व शीर्ष पुलिस अधिकारी का कहना है कि यह 'पदानुक्रम में मुश्किल पैदा' करेगा क्योंकि पुलिस प्रमुख अपने कर्मियों की 'ताकत और कमजोरियों' को जानते हैं.
अमेरिका के लक्ष्य अधूरे रह गए, अब उसके पास न तो इतनी ताकत है और न इतना जोश है कि वह युद्ध फिर शुरू कर सके; और ईरान? घुटने टेकने की जगह वह पूरे संकल्प के साथ लड़ा. उसकी बागडोर अब ज्यादा कट्टरपंथी लोगों के हाथ में है