बेंगलुरु, 29 अप्रैल (भाषा) कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर जारी चर्चाओं के बीच कांग्रेस के पूर्व सांसद डी. के. सुरेश ने बुधवार को कहा कि वह और उनके भाई उपमुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार पार्टी आलाकमान के अंतिम निर्णय का पालन करेंगे।
सुरेश ने कहा कि उन्होंने या उनके भाई ने हाल में नयी दिल्ली की यात्रा के दौरान पार्टी नेतृत्व के साथ सत्ता साझाकरण पर कोई चर्चा नहीं की।
सुरेश ने पत्रकारों से कहा, ‘‘अभी इस पर चर्चा करने का समय नहीं है। यह मामला आलाकमान देख रहा है। हमने कहा है कि आलाकमान जो भी फैसला करेगा हम उसका पालन करेंगे।’’
दिल्ली यात्रा के कारण के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि वह और शिवकुमार नियमित रूप से दिल्ली जाते रहते हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘अगर मैं कभी-कभार (दिल्ली) जाता, तब आपको मुझसे पूछना चाहिए था। हम महीने में कम से कम एक या दो बार दिल्ली जाते हैं।’’
जब उनसे पूछा गया कि क्या उनकी हालिया दिल्ली यात्रा के दौरान उन्हें कोई अच्छी खबर मिली तो उन्होंने कहा कि जब भी वे राष्ट्रीय राजधानी जाते हैं तो उन्हें कोई न कोई अच्छी खबर जरूर मिलती है।
सुरेश ने जोर देकर कहा, ‘‘कभी हम पार्टी के काम के लिए जाते हैं, कभी निजी काम के लिए और कभी सरकारी काम के लिए। इसलिए इसमें कुछ विशेष नहीं है।’’
कांग्रेस सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री सिद्धरमैया और उपमुख्यमंत्री शिवकुमार के बीच राज्य में सत्ता संघर्ष तेज हो गया है।
भाषा सुरभि पवनेश
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