पुलिस का कहना है कि कार्रवाई उन लोगों को टारगेट करके की गई जिन्होंने भारत के खिलाफ भड़काऊ नारे लगाए थे, न कि मातम मनाने वालों को. पहचान के लिए AI वाले फेशियल रिकग्निशन ड्रोन कैमरों का इस्तेमाल किया गया.
जो भी सच में सच्चाई जानना चाहता है, वह आसानी से उन कई घटनाओं को देख सकता है—कश्मीर से लेकर लखनऊ तक, जहां भारतीय मुसलमान आतंकवादी हमलों के खिलाफ सबसे आगे खड़े होकर आवाज़ उठाते रहे हैं.