युवाओं को पर्यटन में प्रशिक्षित करने के लिए 15.62 करोड़ रुपये की लागत से शहडोल फूड क्राफ्ट इंस्टीट्यूट की शुरुआत की गई. यह संस्था हुनर से रोजगार तक जैसी योजनाएं संचालित करेगी.
जिन भारतीय बच्चों के पास स्मार्टफोन हैं, वे इसका ज़्यादातर इस्तेमाल मनोरंजन के लिए करते हैं—जैसे फिल्में देखना या सोशल मीडिया चलाना—न कि पढ़ाई के लिए. क्या यही ‘डिजिटल इंडिया’ का सही इस्तेमाल है?