खाने-पीने की चीजों के महंगाई, अर्थव्यवस्था के उदारीकरण, बढ़ती मांग महंगाई को बढ़ा रही है मगर केरल, तमिलनाडु जैसे राज्यों में राशन वितरण व्यवस्था कीमतों को नीचे रखने में मदद कर रही है.
सरकार कड़वा सच क्यों नहीं बोल सकती, इसे समझना बहुत आसान है. तमाम युद्धों की तरह यह युद्ध भी जब रुक जाएगा तब भी भारत के हित विजेता के साथ भी जुड़े होंगे और हारने वालों के साथ भी.