मुश्किल दौर में भारत दूसरी सभी बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के मुक़ाबले बेहतर प्रदर्शन कर रहा है, इन सबके बावजूद तेज आर्थिक वृद्धि का लक्ष्य नक्शे पर उभर नहीं रहा है.
मोदी सरकार अरविंद केजरीवाल के साथ जो कर रही है, वह गलत है. लेकिन क्या मोदी सरकार कभी अस्तित्व में आती, अगर केजरीवाल और उनके 'इंडिया अगेंस्ट करप्शन' आंदोलन ने UPA को तबाह न किया होता?