गुरुग्राम, तीन सितंबर (भाषा) रियल एस्टेट नियामक प्राधिकरण (रेरा) ने रियल एस्टेट कंपनी आईएलडी के प्रवर्तकों को दंडात्मक कार्रवाई की चेतावनी जारी करते हुए सेक्टर 37सी में एक रुकी हुई आवासीय परियोजना को पूरा करने का निर्देश दिया है।
रेरा के चेयरमैन के के खंडेलवाल ने घर खरीदारों की याचिका पर सुनवाई करते हुए इस कंपनी को 2008-09 में शुरू की गई यह परियोजना पूरा करने के लिए अगली सुनवाई पर एक समाधान योजना प्रस्तुत करने को कहा। अगली सुनवाई सात सितंबर को होगी।
रेरा से बिल्डर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए घर खरीददारों ने अपनी याचिका में आरोप लगाया था कि बिल्डर ने परियोजना को पूरा करने और आवंटियों को इकाई सौंपने से संबंधित नियामक के पिछले निर्देश का पालन नहीं किया है।
रेरा की एक विज्ञप्ति के मुताबिक, प्राधिकरण ने बिल्डर को चेतावनी देते हुए कहा कि परियोजना को किसी भी तरह पूरा किया जाना है और इसके लिए धन जुटाने के लिए बिल्डर की जमीन, कार्यालय, भूखंड, फ्लैट आदि को जब्त या नीलाम किया जाएगा।
आईएलडी ने 2008-09 में गुरुग्राम के सेक्टर 37सी में छह टावरों की एक आवासीय परियोजना शुरू की थी और 2010-11 तक इकाइयां सौंपने के वादे के साथ 192 खरीदारों से 70-80 प्रतिशत राशि ले ली थी। हालांकि इतने साल बाद भी यह परियोजना अधर में लटकी हुई है।
भाषा रिया प्रेम
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