मुंबई में आज की प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) के अडाणी ग्रुप के जोखिम के बारे में एक प्रश्न को संबोधित करते हुए, केंद्रीय मंत्री ने कहा, "एलआईसी ने खुद कंपनी (अडाणी) के लिए अपने जोखिम के मुद्दे पर बात की है.''
जोखिम खत्म नहीं हुआ है. इसका रूप बदल गया है—यह नॉन-परफॉर्मिंग लोन की वजह से बैलेंस शीट पर दबाव से हटकर तेजी से बढ़ते डिजिटल सिस्टम को संभालने की ऑपरेशनल चुनौतियों में बदल गया है.