सेवा क्षेत्र में तेजी से सुधार दिख रहा है, लेकिन कमजोर बाहरी मांग के कारण विनिर्माण में गिरावट का अनुमान है. कमोडिटी की कीमतों में नरमी से सेक्टर को कुछ सपोर्ट मिल सकता है.
पाकिस्तान अधिकतर मामलों में भारत की बराबरी करे यह न केवल नामुमकिन है, बल्कि वह और पिछड़ता ही जाएगा. उसके नेता अपनी अवाम को अलग-अलग बोतल में सांप का तेल पेश करते रहेंगे.