इकोनॉमिक सर्वे 2025-26 एक ऐसी अर्थव्यवस्था की तस्वीर पेश करता है जो ज़्यादा मज़बूत और ज़्यादा लचीली है. लेकिन यह एक बात भी साफ़ करता है: भारत की सबसे बड़ी चुनौती अब एग्जीक्यूशन है.
जोखिम खत्म नहीं हुआ है. इसका रूप बदल गया है—यह नॉन-परफॉर्मिंग लोन की वजह से बैलेंस शीट पर दबाव से हटकर तेजी से बढ़ते डिजिटल सिस्टम को संभालने की ऑपरेशनल चुनौतियों में बदल गया है.