उत्तर प्रदेश के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री पाल ने एक बयान में कहा, 'डॉक्टरों ने साफ कर दिया है कि हाथरस की घटना में महिला के साथ दुष्कर्म नहीं हुआ.'
क़र्ज़ उतारने में परिवार की मदद करने की इच्छा के चलते, बलरामपुर ‘रेप पीड़िता’ क़ानूनी पेशे में जाना चाहती थी. लेकिन 29 सितंबर को उसके सपने चकनाचूर हो गए.
एडीजी (कानून-व्यवस्था) प्रशांत कुमार ने कहा कि दिल्ली के एक अस्पताल में किए गए पॉस्टमॉर्टम रिपोर्ट के मुताबिक दलित युवती की मौत गले में चोट लगने और उसके कारण हुए सदमे की वजह से हुई थी.
चंद्रशेखर ने ट्वीट किया है कि पूरी दुनिया ने देखा कि कैसे सरकार और पुलिस की मिलीभगत से रात में ही हमारी बहन का दाह-संस्कार परिजनों की गैरमौजूदगी और उनकी बिना मर्जी के किया गया. इन लोगों की नैतिकता मर चुकी है.
हाथरस बलात्कार पीड़िता का परिवार अंतिम संस्कार करने से पहले शव को घर ले जाना चाहता था, लेकिन पुलिस ने 'कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए' सूर्योदय से पहले उसका अंतिम संस्कार करने का फैसला किया.
जैसे कुछ कंपनियां सिर्फ इसलिए गिग वर्कर्स का फायदा उठाती हैं क्योंकि वे ऐसा कर सकती हैं, वैसे ही कंज्यूमर्स भी उन्हें बेवजह दौड़ाते हैं, सिर्फ इसलिए क्योंकि हम ऐसा कर सकते हैं.