बृहस्पतिवार को राज्य में कोविड-19 के 2,128 मामले सामने आये थे जिनमें महानगर से 1,090 मामले थे. पिछले 24 घंटे में राज्य में नये मामले 62 फीसदी बढ़े हैं जबकि इस पूर्वी महानगर में यह वृद्धि 79 फीसदी है.
अस्पताल के अधिकारियों ने कहा कि पूर्व कप्तान चिकित्सकों की देखरेख में घर में क्वारेंटाइन रहेंगे. साथ ही यह भी कहा कि वह कोविड के ओमिक्रॉन स्वरूप से संक्रमित नहीं थे.
नीट-पीजी 2021 काउंसलिंग में देरी का विरोध कर रहे दिल्ली के रेजिडेंट डॉक्टरों का विरोध-प्रदर्शन बृहस्पतिवार को 14वें दिन में प्रवेश कर गया. उन्होंने विरोध प्रदर्शन और तेज कर दिया है.
जैन ने कहा, 'दिल्ली के अस्पतालों में कोविड-19 के 200 मरीज भर्ती हैं. जीनोम अनुक्रमण की हालिया रिपोर्ट में 46 प्रतिशत नमूनों में ‘ओमीक्रॉन’ की पुष्टि हुई है.
रात में उपलब्ध अद्यतन सरकारी आंकड़ों के मुताबिक ओमीक्रॉन से संक्रमित मरीजों की संख्या 950 के करीब पहुंच गई है और महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान, तमिलनाडु व तेलंगाना में इस स्वरूप के अधिकांश नए मामले सामने आए हैं.
यह अध्ययन विज्ञान पत्रिका ‘नेचर’ में प्रकाशित हुआ है और इस अनुसंधान से टीका तैयार करने और एंटीबॉडी से उपचार में मदद मिल सकती है जोकि न केवल ओमीक्रोन बल्कि भविष्य में उभरने वाले अन्य स्वरूपों के खिलाफ भी प्रभावी होगा.
केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बुधवार को बताया कि दिल्ली में ‘ओमीक्रॉन’ स्वरूप के सबसे अधिक 238 मामले, महाराष्ट्र में 167, गुजरात में 73, केरल में 65 और तेलंगाना में 62 मामले सामने आए हैं.
ओमीक्रॉन के बढ़ते हुए खतरे को देखते हुए दिल्ली सहित तमाम राज्यों ने नाइट कर्फ्यू और शादी-विवाह के समारोह में ज्यादा लोगों के इकट्ठा होने पर रोक जैसे कई प्रतिबंध लगाए हैं.