रात में उपलब्ध अद्यतन सरकारी आंकड़ों के मुताबिक ओमीक्रॉन से संक्रमित मरीजों की संख्या 950 के करीब पहुंच गई है और महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान, तमिलनाडु व तेलंगाना में इस स्वरूप के अधिकांश नए मामले सामने आए हैं.
यह अध्ययन विज्ञान पत्रिका ‘नेचर’ में प्रकाशित हुआ है और इस अनुसंधान से टीका तैयार करने और एंटीबॉडी से उपचार में मदद मिल सकती है जोकि न केवल ओमीक्रोन बल्कि भविष्य में उभरने वाले अन्य स्वरूपों के खिलाफ भी प्रभावी होगा.
केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बुधवार को बताया कि दिल्ली में ‘ओमीक्रॉन’ स्वरूप के सबसे अधिक 238 मामले, महाराष्ट्र में 167, गुजरात में 73, केरल में 65 और तेलंगाना में 62 मामले सामने आए हैं.
ओमीक्रॉन के बढ़ते हुए खतरे को देखते हुए दिल्ली सहित तमाम राज्यों ने नाइट कर्फ्यू और शादी-विवाह के समारोह में ज्यादा लोगों के इकट्ठा होने पर रोक जैसे कई प्रतिबंध लगाए हैं.
दिल्ली, पटना, जयपुर समेत देशभर के कई अस्पतालों के डॉक्टर रेजिमेंट डॉक्टरों के समर्थन में आ गए हैं. कई जगहों पर अब ऐसे ही विरोध प्रदर्शन देखने को मिल रहे हैं.
ओमीक्रॉन से महाराष्ट्र में सर्वाधिक 167 मामले पाए गए हैं, दिल्ली में 165, केरल में 57, तेलंगाना में 55, गुजरात में 49 और राजस्थान में 46 मामले सामने आए हैं.
कुछ बच्चे तुरंत टीका लगवाने के लिए उत्सुक हैं, जबकि कुछ अन्य दूसरों पर इसका असर देखने के लिए इंतजार करना चाहते हैं. लेकिन अधिकांश मामलों में उनके भीतर उतनी हिचकिचाहट नहीं है जितनी पिछले साल वयस्कों को थी.
इंडिया आर्ट फेयर में सबसे ज़्यादा चर्चा में रहने वाला आर्टवर्क किसी परिभाषा में नहीं बंधता—गिरजेश कुमार सिंह मलबे से निकाली गई ईंटों से लोगों और उनके बैग की मूर्तियां बनाते हैं. इस प्रदर्शनी का नाम 'हाल मुकाम' है.