मंत्रालय ने कहा है कि वैक्सीनेशन ड्राइव में अब तक, देश ने कई मील के पत्थर हासिल किए हैं जिनकी दुनिया में कोई मिसाल नहीं है. इनमें नौ महीने से भी कम समय में 100 करोड़ से अधिक खुराक देना, एक ही दिन में 2.51 करोड़ खुराक देना शामिल हैं.
उन्होंने कहा कि पिछले साल 27 मार्च को दिल्ली में 6,600 उपचाराधीन मामले थे और 1,150 ऑक्सीजन बिस्तर भरे हुए थे. उस वक्त 145 मरीज वेंटिलेटर पर थे, और अभी केवल पांच हैं.
केंद्र ने राज्यों से कहा है कि इन बूथों पर 24 घंटे कोविड की रैपिड एंटीजन जांच की सुविधा उपलब्ध कराई जाए तथा स्वास्थ्यकर्मियों को लक्षणों वाले मरीजों के लिए देश में ही निर्मित जांच किट का उपायोग करने के लिए प्रेरित करें.
बृहस्पतिवार को राज्य में कोविड-19 के 2,128 मामले सामने आये थे जिनमें महानगर से 1,090 मामले थे. पिछले 24 घंटे में राज्य में नये मामले 62 फीसदी बढ़े हैं जबकि इस पूर्वी महानगर में यह वृद्धि 79 फीसदी है.
अस्पताल के अधिकारियों ने कहा कि पूर्व कप्तान चिकित्सकों की देखरेख में घर में क्वारेंटाइन रहेंगे. साथ ही यह भी कहा कि वह कोविड के ओमिक्रॉन स्वरूप से संक्रमित नहीं थे.