दिल्ली में इस सीजन की शुरुआत में 'बहुत खराब' वायु गुणवत्ता देखने को मिली है. डॉक्टर और विशेषज्ञ कह रहे हैं कि बढ़ते प्रदूषण से कोविड के मामलों में वृद्धि होगी.
दिप्रिंट को दिए एक इंटरव्यू में राज्यपाल आरिफ़ मोहम्मद ख़ान ने, राज्य में एलडीएफ सरकार की खुलकर प्रशंसा करते हुए कहा, कि वो इस संकट से निपटने में ‘बहुत सक्रिय’ रही है.
आदेश में कहा गया कि मामले का परीक्षण किया गया और अस्पताल में औसत से कम मरीजों के भर्ती होने और एनडीएमसी की ओर से आग्रह मिलने के मद्देनजर इसे कोविड-19 निर्दिष्ट अस्पतालों की सूची से तत्काल प्रभाव से हटाया जा रहा है.
मंत्रालय ने डॉक्टरों से कहा है कि मौसमी बीमारियों और कोविड-19 के सह-संक्रमण की संभावना को देखते हुए, एक ‘उच्च संदेह सूचकांक’ बनाकर रखें और ‘निरंतर जागरूकता’ फैलाएं.
पिछले चार महीने से हिंदुराव और कस्तूरबा गांधी अस्पतालों के डॉक्टरों को सैलरी नहीं मिली है. सैलरी की मांग को लेकर दोनों अस्पतालों के डॉक्टर हड़ताल पर चले गए हैं. अपने साथियों के समर्थन में दूसरे अस्पतालों के डॉक्टर उपवास पर हैं या फिर काली पट्टी बांध कर काम कर रहे हैं.
भारत में कोविड-19 के मामले सात अगस्त को 20 लाख, 23 अगस्त को 30 लाख और पांच सितंबर को 40 लाख का आंकड़ा पार कर गए थे. यह आंकड़ा 16 सितंबर को 50 लाख, 28 सितंबर को 60 लाख और 11 अक्टूबर को 70 लाख की संख्या को पार कर गया.
दिप्रिंट को दिए एक एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में, केरल की स्वास्थ्य मंत्री केके शैलजा ने कहा, कि जनसंख्या और महामारी विज्ञान से जुड़े कुछ ऐसे कारण हैं, जिनकी वजह से केरल कोविड की चपेट में आ जाता है.
डॉक्टरों के संगठन ने आयुष को बढ़ावा देने पर स्वास्थ्य मंत्री से सवाल किए थे, वहीं आयुष वैज्ञानिकों ने पूछा है कि प्रभावी होने का कोई प्रमाण न होने के बावजूद एचसीक्यू का इस्तेमाल क्यों किया गया.
जैसे कुछ कंपनियां सिर्फ इसलिए गिग वर्कर्स का फायदा उठाती हैं क्योंकि वे ऐसा कर सकती हैं, वैसे ही कंज्यूमर्स भी उन्हें बेवजह दौड़ाते हैं, सिर्फ इसलिए क्योंकि हम ऐसा कर सकते हैं.