पिछले करीब 45 दिनों में ऐसा पहली बार हुआ है जब राजधानी में कोविड-19 के कारण एक दिन में 100 से कम मरीजों की मौत हुई है. इससे पहले 13 अप्रैल को 81 मरीजों की मौत हुई थी.
हाल ही में गृह मंत्री अमित शाह को भेजे गए एक पत्र में एसआईआई ने कहा कि महामारी के कारण खड़ी हुई चुनौतियों के बावजूद उसके कर्मचारी 24 घंटे काम कर रहे हैं.
हिसार जिले के सिसवाल और ढाणी सिसवाल गांव इसके ग्रामीण इलाकों में सबसे अधिक कोविड -19 मामले दर्ज कर रहे हैं. लेकिन साथ ही ये दो गांव किसी भी अन्य गांव की तुलना में अधिक कोरोना जांच भी सुनिश्चित कर रहे हैं.
8 मई को एक ऑक्सीजन प्लांट, जो पूर्वी और पश्चिमी चंपारण को 500 सिलेंडर्स सप्लाई करता था, अचानक ख़राब हो गया. लेकिन 10 घंटे तक चली कार्रवाई के बाद, उसे चमत्कारिक रूप से ठीक कर लिया गया.
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, दैनिक संक्रमण दर गिरकर 8.02 प्रतिशत रह गई जो लगातार पांचवें दिन 10 प्रतिशत से कम है जबकि साप्ताहिक संक्रमण दर 9.36 प्रतिशत है.
इन योजनाओं की घोषणा करते हुए मोदी ने कहा कि बच्चे देश के भविष्य हैं और उनका समर्थन करने एवं उनका संरक्षण करने के लिए सरकार हरसंभव सहयोग करेगी ताकि वे मजबूत नागरिक बन सकें और उनका भविष्य उज्ज्वल हो.
मां का ऑक्सीजन लेवल घटने और ब्लड शुगर बढ़ने के बाद उन्हें सुलतानपुर जिला अस्पताल में भर्ती कराया था, जहां उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट की जरूरत थी लेकिन कोई भी वेंटिलेटर काम नहीं कर रहे थे.
देश में नमूनों के संक्रमित आने की दर भी कम होकर नौ प्रतिशत हो गई थी. पिछले चार दिनों से यह 10 प्रतिशत से कम है. संक्रमण की साप्ताहिक दर भी कम होकर 10.42 प्रतिशत हो गई है.
जोखिम खत्म नहीं हुआ है. इसका रूप बदल गया है—यह नॉन-परफॉर्मिंग लोन की वजह से बैलेंस शीट पर दबाव से हटकर तेजी से बढ़ते डिजिटल सिस्टम को संभालने की ऑपरेशनल चुनौतियों में बदल गया है.