जेएनयू के वाइस चांसलर एम जगदीश कुमार ने कहा कि पांच जनवरी को जेएनयू में हुई हिंसा की जांच हो रही है और छात्रों को गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल न होने के लिए कहा गया है.
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने सोमवार को ये फैसला लिया था कि यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले फाइनल ईयर के छात्रों की परीक्षाएं भी नहीं होंगी. इसी फैसले का न्यास विरोध कर रहा है.
आईआईटी गांधीनगर के निदेशक डॉक्टर सुधीर के जैन ने दिप्रिंट से कहा, 'प्लेटमेंट पर कोविड का असर तो होगा. इसकी वजह से जिन्हें नौकरी मिलेगी उनके ज्वाइनिंग में देर हो सकती है और कुछ की नौकरियां जा भी सकती हैं.'
सरकारी और कम बजट के निजी स्कूलों में जाने वाले छात्र ऑनलाइन कक्षाओं के लिए संघर्ष करते हैं, जबकि शिक्षक कहते हैं कि स्कूलों से संसाधनों की कमी के कारण बड़े वीडियो एप्लिकेशन का उपयोग नहीं किया जा सकता है.
बढ़ते लॉकडाउन से पैदा हो रहे तनाव को ध्यान में रखते हुए छात्रों के लिए विशेष प्रबंध किए हैं. 10वीं और 12वीं के वैकल्पिक कैंलेडर में 'किशोर तनाव प्रबंधन' को भी शामिल किया गया है.
आज निरंतर बदलती विश्व व्यवस्था भारत के लिए एक मौका उपलब्ध करा रही है जिसका लाभ उठाने के लिए उसे खुद को अनुशासित रखना होगा ताकि पाकिस्तान जब अपने लिए मौका देख रहा है तब हम हड़बड़ी में कोई प्रतिक्रिया न कर बैठें.