scorecardresearch
Friday, 22 November, 2024

पृथा चटर्जी

1 पोस्ट0 टिप्पणी

मत-विमत

खालिद एकमात्र ऐसे पाकिस्तानी थे जिनके तर्क कश्मीर के सवाल पर नहीं अटकते थे

खालिद अहमद संपादक, लेखक, भाषाविद, अखबार के दफ्तर के रहनुमा, एक सच्चे और दुर्लभ सेकुलर अनीश्वरवादी और शायद नास्तिक शख्स थे और मेरे कई मुस्लिम मित्रों में निश्चित रूप से अकेले ऐसे शख्स थे और वह कोई वामपंथी भी नहीं थे, दूर-दूर तक नहीं.

वीडियो

राजनीति

देश

बिहार में राष्ट्रीय राजमार्गों का नेटवर्क 2029 तक अमेरिका के बराबर हो जाएगा: गडकरी

बोधगया, 21 नवंबर (भाषा) केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बृहस्पतिवार को कहा कि 2029 में जब भाजपा नीत राजग केंद्र की सत्ता में...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.