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Monday, 6 April, 2026

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मत-विमत

जातिवाद भारतीय शहरों से खत्म नहीं हुआ है, बस उसने अंग्रेज़ी सीख ली है

शहरी भारत आज जातिवाद खत्म होने के दौर में नहीं है, बल्कि ऐसा दौर है जहां लोग जातिवाद मानना नहीं चाहते. वे ऊंच-नीच के फायदे तो चाहते हैं, लेकिन इसे मानने में शर्म महसूस करते हैं.

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लखनऊ, छह अप्रैल (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के 47वें स्थापना दिवस के अवसर पर सोमवार को उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित...

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