Thursday, 27 January, 2022

अरुण आनंद

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यमन के कमजोर बागी विश्व अर्थव्यवस्था के लिए जोखिम बने और साबित किया कि फौजी ताकत की भी एक सीमा होती है

ईरान और सऊदी अरब अब बातचीत कर रहे हैं लेकिन जंग के जिन्न को वापस बोतल में बंद करने में शायद बहुत देर हो चुकी है. यमन में सत्ता के दलाल अपने दबदबे के लिए हिंसा पर ही निर्भर हैं.

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‘फूट डालने और गुमराह करने’ की कोशिश- क्यों कोर्ट ने शरजील के खिलाफ देशद्रोह और UAPA के तहत आरोप तय किए

दिल्ली पुलिस और अभियोजन पक्ष के अनुसार, शरजील के भाषणों के कारण जामिया में हिंसक घटनाएं हुईं और ये फरवरी 2020 में पूर्वोत्तर दिल्ली में हुए सांप्रदायिक दंगों का भी पूर्ववर्ती कारण बने थे.

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भारत के गरीब अब भी VIPs को सहन कर रहे हैं और डॉ अंबेडकर का मैकाले के भूत से जुड़ा एक सवाल है

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सबसे अच्छे कार्टून्स.