भुवनेश्वर, 26 अप्रैल (भाषा) ओडिशा सरकार ने रथयात्रा के दौरान रथों के पास श्रद्धालुओं की भीड़भाड़ को रोकने के लिए इस वर्ष कम ‘कॉर्डन पास’ जारी करने का निर्णय किया है। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी।
पिछले साल पुरी में रथ यात्रा के दौरान तीन लोगों की मौत की घटना के मद्देनजर, मुख्य सचिव अनु गर्ग की अध्यक्षता में शनिवार शाम को हुई एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में यह निर्णय लिया गया।
सूत्रों के अनुसार, भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा के रथों के चारों ओर बने आंतरिक घेरे में प्रवेश करने के लिए ‘कॉर्डन पास’ जारी किए जाते हैं। ये पास केवल अनुष्ठानों या सुरक्षा कार्यों में लगे लोगों को ही जारी किए जाते हैं।
समीक्षा बैठक में 16 जुलाई से शुरू होने वाली रथ यात्रा के लिए पुरी में लाखों श्रद्धालुओं के संभावित जमावड़े को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन, अनुष्ठानों, बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य, स्वच्छता और साजोसामान से संबंधित सभी व्यवस्थाओं को समय पर पूरा करने पर ध्यान केंद्रित किया गया।
12वीं शताब्दी के मंदिर के सामने स्थित ग्रैंड रोड (जिसे ‘बड़ा डंडा’ भी कहा जाता है) पर भीड़ प्रबंधन पर ध्यान केंद्रित करते हुए बैठक में सुचारू रूप से ‘पहंडी’ (जुलूस) अनुष्ठान आयोजित करने के तरीकों पर चर्चा की गई। ग्रैंड रोड पर रथ खींचे जाते हैं।
बैठक में ग्रैंड रोड पर विभिन्न धार्मिक और धर्मार्थ संगठनों द्वारा मुफ्त पका हुआ भोजन वितरित करने से उत्पन्न समस्याओं और उसके बाद फैली गंदगी पर भी चर्चा की गई।
अधिकारियों ने बताया कि बैठक में ग्रैंड रोड पर इस तरह के खाद्य वितरण को प्रतिबंधित करने और संगठनों को मुफ्त खाद्य वितरण के लिए एक विशिष्ट स्थान उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया।
उन्होंने बताया कि बैठक में यातायात प्रबंधन, सीसीटीवी कैमरे लगाने और विभिन्न स्थानों पर निगरानी के लिए आपातकालीन व्यवस्था, पुरी शहर और उसके आसपास की सड़कों की मरम्मत, नियंत्रण कक्ष प्रबंधन, पर्याप्त पुलिस तैनाती और पार्किंग व्यवस्था से संबंधित मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।
एक अधिकारी ने बताया कि यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे आठ और टिकट काउंटर स्थापित करेगा।
इस बीच, रथ निर्माण कार्य रविवार को छठे दिन भी जारी रहा। काम अक्षय तृतीया के दिन 20 अप्रैल को शुरू हुआ था।
श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन (एसजेटीए) के मुख्य प्रशासक अरबिंद कुमार पाधी ने बैठक में बताया कि आवश्यक 865 लकड़ी के लट्ठों में से 576 लट्ठे पहले ही एकत्र किए जा चुके हैं।
पाधी ने बताया कि एक तकनीकी समिति निर्माण प्रक्रिया की देखरेख कर रही है।
गर्ग ने रथों को खींचने के लिए इस्तेमाल होने वाली रस्सियों की मजबूती सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
भाषा प्रशांत रंजन
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