हैदराबाद, 26 अप्रैल (भाषा) भारत की जनगणना-2027 के तहत स्व-गणना (सेल्फ-एन्यूमरेशन) चरण की शुरुआत रविवार को तेलंगाना में हो गई।
तेलंगाना के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला ने यहां लोक भवन में ऑनलाइन स्व-गणना सुविधा के जरिए पंजीकरण कर राज्य में जनगणना-2027 की औपचारिक शुरुआत की।
लोक भवन की ओर से जारी एक विज्ञप्ति के मुताबिक इस अवसर पर राज्य के लोगों को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि जनगणना एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय प्रक्रिया है, जो जनसंख्या और उनकी सामाजिक-आर्थिक स्थिति की व्यापक तस्वीर प्रस्तुत करता है।
शुक्ला ने कहा कि यह योजना निर्माण, सुशासन और संसाधनों के न्यायसंगत वितरण की आधारशिला है, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि विकास का लाभ समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचे।
राज्यपाल ने कहा कि जनगणना शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, आवास और बुनियादी ढांचे से जुड़ी नीतियों के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। सटीक आंकड़े सरकार को लक्षित कल्याणकारी योजनाएं तैयार करने और राष्ट्रीय प्रगति का प्रभावी आकलन करने में मदद करते हैं।
उन्होंने कहा कि तेलंगाना के गठन के बाद यह पहली जनगणना है, इसलिए राज्य के भविष्य के विकास और प्रगति के लिए इसका विशेष महत्व है और सटीक आंकड़ा संग्रहण आवश्यक है।
राज्यपाल ने बताया कि तेलंगाना में स्व-गणना का चरण 26 अप्रैल से 10 मई तक चलेगा। इसके बाद 11 मई से नौ जून तक मकान-सूचीकरण (हाउस-लिस्टिंग) कार्य किया जाएगा। यह भारत की पहली पूर्णतः डिजिटल जनगणना होगी।
स्व-गणना सुविधा के तहत परिवार एक सरल, सुविधाजनक और उपयोगकर्ता-अनुकूल प्रक्रिया के माध्यम से अपने विवरण डिजिटल रूप से दर्ज कर सकते हैं। सटीकता, पारदर्शिता और दक्षता सुनिश्चित करने के लिए मकान-सूचीकरण भी डिजिटल तरीके से किया जाएगा।
राज्यपाल ने कहा, “मैंने आज स्वयं स्व-गणना प्रक्रिया पूरी की है। यह सरल और प्रभावी है। मैं तेलंगाना के सभी निवासियों से आग्रह करता हूं कि वे इस महत्वपूर्ण कार्य में सक्रिय रूप से भाग लें और सही व स्पष्ट जानकारी देकर जनगणना अधिकारियों को पूरा सहयोग दें।”
उन्होंने कहा कि जनसहभागिता एक मजबूत, समावेशी और सुनियोजित तेलंगाना तथा भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देगी।
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