जबलपुर, 25 अप्रैल (भाषा) मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय ने राज्य की उच्चस्तरीय जाति सत्यापन समिति को मंत्री प्रतिमा बागरी के अनुसूचित जाति (एससी) प्रमाण पत्र की वैधता को चुनौती देने वाली शिकायत पर 60 दिन के भीतर सुनवाई करने का निर्देश दिया है।
कांग्रेस की राज्य इकाई के एससी प्रकोष्ठ के अध्यक्ष प्रदीप अहिरवार ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर दावा किया था कि बागरी अनुसूचित जाति समुदाय से नहीं हैं, लेकिन उन्होंने आरक्षण का लाभ लिया है।
याचिका में अदालत से अनुरोध किया गया था कि वह 31 मार्च को दायर उनकी शिकायत पर उच्चस्तरीय समिति को निर्णय लेने का निर्देश दे।
न्यायमूर्ति विवेक अग्रवाल और न्यायमूर्ति ए के सिंह की खंडपीठ ने शुक्रवार को समिति को शिकायत पर सुनवाई करने का निर्देश देते हुए याचिका का निपटारा कर दिया।
अदालत ने कहा कि यदि उच्चस्तरीय जाति सत्यापन समिति दो माह के भीतर उचित आदेश पारित करने में विफल रहती है, तो याचिकाकर्ता पुनः अदालत का रुख कर याचिका बहाल कराने का अनुरोध कर सकता है।
शहरी विकास एवं आवास राज्य मंत्री प्रतिमा बागरी सतना जिले की रायगांव विधानसभा सीट से विधायक हैं, जो अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है।
भाषा
सं, दिमो रवि कांत
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