मुंबई, 23 अप्रैल (भाषा) रुपया लगातार चौथे सत्र में कमजोर रहा और एक महीने में दूसरी बार 94 के स्तर को पार करते हुए बृहस्पतिवार को शुरुआती कारोबार में 34 पैसे टूटकर 94.12 पर पहुंच गया।
पश्चिम एशिया में शांति वार्ता में कोई प्रगति न होने के कारण कच्चे तेल की कीमतों में उछाल से घरेलू मुद्रा दबाव में है।
विदेशी मुद्रा कारोबारियों का कहना है कि घरेलू शेयर बाजारों में गिरावट और अमेरिकी मुद्रा की वैश्विक मांग में वृद्धि के बीच विदेशी पूंजी की निकासी के कारण भी रुपये पर दबाव बना रहा।
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 94.04 प्रति डॉलर पर खुला। शुरुआती कारोबार में डॉलर के मुकाबले 94.12 पर आ गया जो पिछले बंद भाव से 34 पैसे की गिरावट दर्शाता है। रुपया बुधवार को 34 पैसे टूटकर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 93.78 पर बंद हुआ था।
रुपया लगातार तीसरे सत्र में गिरावट में रहा। पिछले दो सत्र में यह 53 पैसे टूटा है।
घरेलू मुद्रा ने 23 मार्च को पहली बार 94 डॉलर प्रति डॉलर के स्तर को पार किया था। रुपया 30 मार्च को अपने अब तक के सबसे निचले अंतर-दिवसीय स्तर 95.22 पर पहुंचा था।
इस बीच, छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.12 प्रतिशत की बढ़त के साथ 98.53 पर रहा।
घरेलू शेयर बाजारों में सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 632.36 अंक या 0.81 प्रतिशत टूटकर 77,884.13 अंक पर जबकि निफ्टी 179.10 अंक या 0.73 प्रतिशत फिसलकर 24,198.90 अंक पर आ गया।
अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड का भाव 1.37 प्रतिशत चढ़कर 103.31 डॉलर प्रति बैरल रहा।
शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) बुधवार को बिकवाल रहे थे और उन्होंने 2,078.36 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।
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