कोलकाता, 22 अप्रैल (भाषा) भारत निर्वाचन आयोग (ईसी) ने बुधवार को कहा कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से जुड़े न्यायाधिकरण के आदेशों के बाद पश्चिम बंगाल में 139 लोगों के नाम मतदाता सूची में जोड़े गये हैं और वे 23 अप्रैल को विधानसभा चुनावों के पहले चरण में अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगे।
पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) मनोज कुमार अग्रवाल ने बताया कि न्यायाधिकरणों ने राज्य में एसआईआर से जुड़े विवादों से संबंधित 657 मामलों का निपटारा किया।
उन्होंने कहा, ‘‘न्यायाधिकरण के आदेशों के बाद जिन 139 मतदाताओं के नाम जोड़े गए हैं, वे सभी कल मतदान कर सकेंगे।’’
दो चरणों में होने वाले विधानसभा चुनावों के पहले चरण के तहत बृहस्पतिवार को मतदान होगा, जिसमें राज्य की 294 सीट में से 152 सीट पर मतदान होगा। इन सीटों में उत्तरी बंगाल के आठ जिलों की सभी 54 सीट और मुर्शिदाबाद, नादिया, बीरभूम और हुगली की कई सीट शामिल हैं।
उच्चतम न्यायालय ने निर्वाचन आयोग को एक पूरक संशोधित मतदाता सूची जारी करने का निर्देश दिया था, जिसमें उन मतदाताओं को शामिल किया जाए जिनके नाम सूची से हटाए जाने के खिलाफ अपील राज्य के अपीलीय न्यायाधिकरणों द्वारा स्वीकार कर ली गई थी।
सीईओ ने बताया कि निर्वाचन आयोग ने न्यायाधिकरण के आदेशों का पालन करते हुए बूथवार पात्र मतदाताओं की सूची जारी की है।
निर्वाचन आयोग ने अपने ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से भी सूचियां उपलब्ध करा दी हैं, जहां मतदाता अपने विधानसभा क्षेत्र और बूथ नंबर का चयन करके या अपने ईपीआईसी विवरण दर्ज करके अपनी स्थिति की जांच कर सकते हैं।
आयोग ने बुधवार तड़के अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर दो अलग-अलग सूचियां अपलोड की थीं। जिनमें से एक में उन मतदाताओं के नाम हैं जिनका नाम न्यायाधिकरणों द्वारा मतदाता सूची में शामिल करने को मंजूरी दे दी गई है और दूसरी में उन लोगों के नाम हैं जिनका नाम अभी भी मतदाता सूची से बाहर है।
बृहस्पतिवार को होने वाले चुनाव में लगभग 1.75 करोड़ महिला मतदाता समेत 3.60 करोड़ से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करने के पात्र हैं।
भाषा
देवेंद्र रंजन
रंजन
यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.