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Wednesday, 22 April, 2026
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ऑनलाइन गेमिंग के नियम अधिसूचित, अधिकांश खेलों के लिए पंजीकरण अनिवार्य नहीं

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नयी दिल्ली, 22 अप्रैल (भाषा) इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने बुधवार को बहुप्रतीक्षित ऑनलाइन गेमिंग नियमों को अधिसूचित कर दिया। ये नियम ऑनलाइन गेमिंग संवर्धन और विनियमन अधिनियम को संचालित करने के लिए प्रक्रियात्मक रूपरेखा मुहैया कराते हैं और इनके आधार पर ऑनलाइन गेमिंग प्राधिकरण का गठन भी हो सकेगा।

आईटी सचिव एस कृष्णन ने कहा कि ऑनलाइन गेम अगर ‘रियल मनी गेम’ नहीं हैं (पैसे का लेनदेन शामिल नहीं है), तो उन्हें अनिवार्य रूप से पंजीकरण की आवश्यकता नहीं होगी। इसके तहत यह देखा जाएगा कि क्या खेल में किसी भी स्तर पर शुल्क या पैसा जमा करना शामिल है। इसके अलावा मौद्रिक जीत की उम्मीद, राजस्व मॉडल की संरचना और गेम के भीतर की संपत्ति को गेम के बाहर भुनाने या पैसे में बदलने के तरीके को भी आधार बनाया जाएगा। यह वर्गीकरण प्रक्रिया आवेदन या नोटिस मिलने के 90 दिनों के भीतर पूरी की जाएगी।

उन्होंने बताया कि निगरानी केवल कुछ विशेष परिस्थितियों में ही शुरू की जाएगी। हालांकि, ‘ईस्पोर्ट्स’ के लिए अनिवार्य पंजीकरण की आवश्यकता होगी।

कृष्णन ने कहा, ”हम चाहते थे कि जहां तक संभव हो, इस पूरी प्रक्रिया को कम से कम नियामक हस्तक्षेप वाला रखा जाए। अधिकांश खेल, जो पैसों वाले खेल नहीं हैं, वे बिना किसी अनिवार्य पंजीकरण के संचालित हो सकेंगे। इसलिए पूरी प्रक्रिया वैकल्पिक है।”

उन्होंने कहा, ”हम किसी को भी यह निर्धारित करने के लिए आवेदन करने के लिए बाध्य नहीं कर रहे हैं कि वह ऑनलाइन मनी गेम है या ऑनलाइन सोशल गेम है या ईस्पोर्ट्स है।” हालांकि, इस तरह का निर्धारण तीन स्थितियों में शुरू होगा।

पहली स्थिति वह है, जहां प्राधिकरण खुद संज्ञान लेकर ऐसा करता है। दूसरी स्थिति वह जहां ईस्पोर्ट्स गेम शामिल होते हैं।

कृष्णन ने कहा, ”तीसरी स्थिति के तहत केंद्र सरकार सोशल गेम्स की किसी भी विशिष्ट श्रेणी को अधिसूचित कर सकती है, जिसे फिलहाल हमने विशेष रूप से अधिसूचित नहीं किया है।”

उन्होंने बताया कि नियमों में उपयोगकर्ता सुरक्षा सुविधाओं को भी स्पष्ट रूप से परिभाषित किया गया है।

यह अधिनियम भारत में ईस्पोर्ट्स और ऑनलाइन सोशल गेमिंग को बढ़ावा देते हुए ऑनलाइन रियल मनी गेमिंग पर प्रतिबंध लगाता है। मंत्रालय ने अक्टूबर 2025 में इन नियमों पर सुझाव आमंत्रित किए थे।

इन नियमों में उपयोगकर्ता सुरक्षा सुविधाओं की एक नई अवधारणा पेश की गई है। इसमें जोखिम के आधार पर तकनीकी, प्रक्रियात्मक और व्यवहारिक सुरक्षा उपाय शामिल हैं, जिसमें आयु सत्यापन, समय प्रतिबंध, पैरेंटल कंट्रोल, शिकायत मंच, परामर्श सहायता और खेल में निष्पक्षता की निगरानी शामिल है। सेवा प्रदाताओं को पंजीकरण या निर्धारण के आवेदन के समय अपनी इन सुरक्षा सुविधाओं और आंतरिक शिकायत तंत्र का खुलासा करना होगा।

सफल पंजीकरण पर ऑनलाइन गेमिंग प्राधिकरण एक डिजिटल पंजीकरण प्रमाण पत्र जारी करेगा, जो 10 साल तक वैध होगा। पंजीकृत प्रदाताओं को अपने इंटरफेस पर पंजीकरण का विवरण देना होगा और डेटा रखने के निर्देशों का पालन करना होगा।

यदि कोई उपयोगकर्ता समाधान से संतुष्ट नहीं है, तो वह 30 दिनों के भीतर भारतीय ऑनलाइन गेमिंग प्राधिकरण में अपील कर सकता है। दूसरी अपील मंत्रालय के सचिव के समक्ष की जा सकेगी।

भाषा पाण्डेय रमण

रमण

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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