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Wednesday, 22 April, 2026
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थेनी के पहाड़ी गांव के लोगों ने बुनियादी ढांचे की कमी का आरोप लगाते हुए ईवीएम की आवाजाही रोकी

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थेनी (तमिलनाडु), 22 अप्रैल (भाषा) तमिलनाडु के थेनी जिले के एक पहाड़ी गांव के लोगों ने बुनियादी सुविधाओं की कमी का आरोप लगाते हुए बुधवार को सड़क जाम कर दी और ईवीएम (इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन) तथा मतदान संबंधी कार्य में जुटे कर्मियों की आवाजाही रोक दी जिससे क्षेत्र में तनाव की स्थिति पैदा हो गई।

अगमालाई पंचायत के मुख्य रूप से आदिवासी समुदायों के प्रदर्शनकारियों ने आगामी चुनावों के बहिष्कार की धमकी दी और अपनी काफी समय से लंबित मांगों के स्थायी समाधान की मांग की।

काकराई, ऊथुकाडु और अन्य बस्तियों के ग्रामीणों ने बताया कि वे पिछली पांच पीढ़ियों से इस क्षेत्र में रह रहे हैं लेकिन आज भी उन्हें पक्की सड़क, स्कूल और उचित परिवहन जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि चार किलोमीटर लंबी सड़क परियोजना के लिए 1.80 करोड़ रुपये की मंजूरी के बावजूद वन विभाग के नियमों के कारण काम लगातार बाधित हो रहा है। ग्रामीणों ने कहा कि सड़क की कमी के कारण कई दुखद घटनाएं हुई हैं।

आक्रोशित निवासियों ने प्रशासनिक बाधाओं का भी आरोप लगाते हुए कहा कि वन अधिकारी उन्हें घरों की मरम्मत के लिए सीमेंट और ‘टिन शीट’ जैसी बुनियादी सामग्री ले जाने की अनुमति नहीं देते।

एक महिला प्रदर्शनकारी ने पहाड़ी क्षेत्रों में जन्मे बच्चों के जन्म प्रमाण पत्र प्राप्त करने में आने वाली कठिनाइयों का जिक्र किया, जिससे उनकी उच्च शिक्षा प्रभावित हो रही है।

ग्रामीणों ने यह भी कहा कि अधिकारी केवल चुनाव के समय ही उनके इलाके का दौरा करते हैं, जबकि बाकी समय उनकी समस्याओं की अनदेखी की जाती है।

सूचना मिलने पर सोथुपराई गांव पुलिस और राजस्व विभाग के अधिकारी इलाके में पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर चुनाव प्रक्रिया के सुचारू संचालन की अपील की।

एक अधिकारी ने आश्वासन दिया कि चुनाव के बाद वन मंजूरी और सड़क निर्माण संबंधी उनकी मांगों को जिलाधिकारी और जिला वन अधिकारी के समक्ष रखा जाएगा।

हालांकि, ग्रामीणों ने कहा कि जब तक उन्हें उनकी मांगों को पूरा करने को लेकर कोई ठोस आश्वासन नहीं मिलता, वे ईवीएम की आवाजाही की अनुमति नहीं देंगे।

भाषा

प्रचेता नरेश

नरेश

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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