नई दिल्ली: मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर प्रदेशवासियों के नाम संदेश जारी किया. उन्होंने कहा कि यह अधिनियम महिलाओं को लोकसभा और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण देकर सशक्त बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम है. मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि कुछ विपक्षी दलों ने राजनीतिक स्वार्थ के कारण इस पहल का समर्थन नहीं किया. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का उद्देश्य महिलाओं को सम्मान और नेतृत्व में भागीदारी देना है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय संस्कृति में नारी को सदैव वंदनीय माना गया है और राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण रही है. उन्होंने कहा कि संसद और विधानसभाओं में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना समय की आवश्यकता है. उन्होंने कांग्रेस सहित अन्य दलों पर महिला हितों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा कि ऐसे ऐतिहासिक अवसर को खोना दुर्भाग्यपूर्ण है.
उन्होंने बताया कि राज्य में महिला सशक्तिकरण को लेकर विशेष सत्र बुलाने की तैयारी है. इस दौरान अधिनियम पर चर्चा और विपक्ष के खिलाफ निंदा प्रस्ताव लाया जाएगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं का सशक्त होना ही समाज और राष्ट्र की प्रगति का आधार है.