बेंगलुरु, 21 अप्रैल (भाषा) कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन या मंत्रिमंडल में फेरबदल की अटकलों के बीच कांग्रेस विधायक के. एन. राजन्ना ने मंगलवार को राज्य में मई माह में राजनीतिक गतिविधियों की भविष्यवाणी की।
मुख्यमंत्री सिद्धरमैया के “लाचार” हो जाने और किसी “मजबूरी” में होने के अपने हालिया दावे को दोहराते हुए, पूर्व मंत्री ने कहा कि उन्हें शक है कि किसी ने मुख्यमंत्री के खिलाफ “काला जादू” किया है ।
राजन्ना ने मुख्यमंत्री के साथ हुई अपनी चर्चाओं का विवरण साझा करने से इनकार कर दिया और कहा कि सिद्धरमैया को हमेशा एक ‘‘मजबूत’’ व्यक्ति के रूप में देखा जाता है, लेकिन हाल के घटनाक्रमों को देखते हुए, काम के दबाव या किसी अन्य दबाव के कारण वह कुछ चुप हो गए हैं।
राजन्ना ने यहां पत्रकारों से कोई विशिष्ट जानकारी साझा किए बिना कहा, ‘‘मई के महीने में राज्य में राजनीतिक गतिविधियां होंगी… सिद्धरमैया वास्तव में मजबूत हैं, आने वाले दिनों में सब ठीक हो जाएगा।’’
उन्होंने कहा, ‘‘राजनीति ठहरा हुआ पानी नहीं है, यह बहते पानी की तरह है। जब यह बहता है तभी इसमें शुद्धता होती है। अगर यह स्थिर हो जाता है, तो इसकी शुद्धता नष्ट हो जाती है। इसी प्रकार राजनीति की शुद्धता बनाए रखने के लिए राजनीतिक गतिविधियों का निरंतर घटित होना आवश्यक है।’’
राजन्ना ने पिछले साल अक्टूबर और नवंबर में कर्नाटक की राजनीति में किसी तरह की ‘‘क्रांति’’ की भविष्यवाणी भी की थी तथा उस समय सरकार अपने कार्यकाल के ढाई साल पूरे करने वाली थी।
कर्नाटक में चार मई के बाद मंत्रिमंडल में फेरबदल और मुख्यमंत्री परिवर्तन को लेकर एक बार फिर अटकलें तेज हो गई हैं, क्योंकि उस दिन राज्य की दो विधानसभा सीट के उपचुनाव और चार राज्यों तथा एक केंद्र शासित प्रदेश के विधानसभा चुनावों के परिणाम घोषित किए जाएंगे।
कर्नाटक में 20 नवंबर 2025 को कांग्रेस सरकार के पांच वर्षीय कार्यकाल का आधा समय पूरा करने के बाद मुख्यमंत्री के संभावित बदलाव की अटकलों के बीच सत्ताधारी पार्टी के भीतर नेतृत्व को लेकर खींचतान तेज हो गई।
वर्ष 2023 में सरकार गठन के समय सिद्धरमैया और उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार के बीच हुए कथित ‘‘सत्ता-साझाकरण’’ समझौते ने इन अटकलों को और बल दिया है।
भाषा यासिर पवनेश
पवनेश
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