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Tuesday, 28 April, 2026
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भाजपा महिला आरक्षण पर ‘देश को गुमराह’ कर रही है: कांग्रेस सांसद रंजीत रंजन का आरोप

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रायपुर, 21 अप्रैल (भाषा) कांग्रेस की राज्यसभा सांसद रंजीत रंजन ने मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर महिलाओं के आरक्षण के मुद्दे पर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया।

रंजीत रंजन ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार महिला आरक्षण को लागू करने को लेकर गंभीर नहीं है।

रायपुर के राजीव भवन स्थित प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए रंजन ने आरोप लगाया कि महिला आरक्षण को लेकर प्रधानमंत्री से लेकर मुख्यमंत्री तक ‘‘झूठ बोल रहे हैं।’’

रंजन ने कहा, ”भाजपा द्वारा महिला आरक्षण को लेकर लगातार झूठा भ्रम फैलाया जा रहा कि कांग्रेस और विपक्षी दलों ने महिला आरक्षण विधेयक का समर्थन नहीं किया, इसलिए संसद में विधेयक पारित नहीं हो सका। महिला आरक्षण अधिनियम (नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023) 128 वां संविधान संशोधन सितंबर 2023 में संसद के दोनों सदनों में पारित हो चुका है तथा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू इस पर हस्ताक्षर कर चुकी हैं तथा यह कानून भी बन चुका है।”

उन्होंने कहा, ”भाजपा 2023 के आरक्षण कानून को क्यों लागू नहीं कर रही है? इस कानून के आधार पर तुरंत आरक्षण प्रभावी हो सकता है। भाजपा ने 16 अप्रैल 2026 को जो विधेयक संसद में प्रस्तुत किया वह महिला आरक्षण के संदर्भ में नहीं है। भाजपा महिला आरक्षण को मुखौटा बनाकर परिसीमन संशोधन विधेयक तथा केंद्र शासित प्रदेश कानून संशोधन विधेयक को पारित करवाना चाहती थी।”

राज्यसभा सदस्य रंजीत रंजन ने कहा कि संसद में जो विधेयक गिरा उसमें लोकसभा की सीट 850 करने का प्रस्ताव था, राज्यों में 815 सीट तथा केंद्र शासित प्रदेशों में 35 सीटें। उन्होंने कहा कि परिसीमन विधेयक- जिसमें परिसीमन के लिए 2011 की जनगणना को आधार बनाने की बात की गयी थी।

उन्होंने कहा कि विधेयक में पांडुचेरी, दिल्ली, जम्मू-कश्मीर के कानूनों में संशोधन की बात की गयी थी ताकि परिसीमन और महिला आरक्षण विधेयक लागू किया जा सके। उन्होंने कहा कि जब 2026-27 की जनगणना शुरू है तथा सरकार जाति जनगणना की भी बात कर चुकी है तब जनगणना के बाद आये नये आंकड़ों के आधार पर परिसीमन क्यों नहीं कराया जा रहा?

रंजन ने कहा कि महिला आरक्षण विधेयक को यदि तुरंत लागू करना है तो परिसीमन का इंतजार किए बिना वर्तमान सदस्य संख्या में ही 33 प्रतिशत का आरक्षण क्यों नहीं देना चाहती सरकार? उन्होंने कहा कि कांग्रेस सहित सभी विपक्षी दल इसके लिए तैयार हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘सरकार 2023 के नारी शक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन कर महिला आरक्षण को तुरंत लागू कर सकती थी, उसने ऐसा क्यों नहीं किया? जबकि नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 जो कानून बन चुका है 2034 से मूर्त रूप लेगा, संशोधन से तुरंत लागू हो जाता। भाजपा की मंशा महिला आरक्षण की नहीं अपने मनमुताबिक सीटों के परिसीमन की थी जो विपक्षी दलों की एकजुटता से पूरा नहीं हो सका।’’

उन्होंने कहा कि पंचायतों और स्थानीय निकायों में महिलाओं को आरक्षण मिल रहा है तो यह भी कांग्रेस की नीतियों से संभव हो पाया।

इस दौरान पार्टी की महिला विधायक भी मौजूद थीं।

भाषा संजीव अमित

अमित

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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