चेन्नई, 21 अप्रैल (भाषा) तमिलनाडु में 23 अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए चुनाव प्रचार मंगलवार शाम छह बजे समाप्त हो गया। इसी के साथ मतदान की तिथि से 48 घंटे पहले का अनिवार्य ‘साइलेंट पीरियड’ शुरू हो गया है।
एक अधिकारी ने बताया कि ‘साइलेंट पीरियड’ के दौरान राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों द्वारा सभाएं करने, जुलूस निकालने या चुनाव प्रचार से जुड़े विज्ञापन जारी करने पर रोक रहेगी।
विधानसभा चुनावों की घोषणा के साथ ही आदर्श आचार संहिता लागू हो गई थी जोकि चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक जारी रहेगी।
मतगणना चार मई को होगी और इसी दिन परिणाम घोषित किए जाएंगे।
तमिलनाडु के संवेदनशील स्थानों पर पुलिस सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन ने कोलाथुर निर्वाचन क्षेत्र के मतदाताओं से बातचीत करके अपने चुनाव प्रचार का समापन किया। वह इसी क्षेत्र से चुनाव लड़ रहे हैं।
स्टालिन ने बाद में सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने कहा कि जो लोग तमिलनाडु के साथ विश्वासघात करेंगे और उसके विकास में बाधा डालना चाहेंगे, उनके लिए वह “खतरा” साबित होंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि परिसीमन को लेकर केंद्र का आक्रामक रुख सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले तमिलनाडु जैसे राज्यों को “दंडित” करने के लिए था।
तूतीकोरिन में द्रमुक की उप-महासचिव और सांसद कनिमोझी ने विश्वास जताया कि पार्टी सत्ता में वापसी करेगी।
राज्य में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) का नेतृत्व कर रहे अन्नाद्रमुक के महासचिव के. पलानीस्वामी ने पश्चिमी तमिलनाडु में प्रचार के साथ इसका समापन किया।
उन्होंने लोगों से ‘भ्रष्ट द्रमुक सरकार’ को सत्ता से हटाने और राज्य में ‘परिवारवाद’ को समाप्त करने का जोरदार आह्वान किया।
द्रमुक 164 सीट (कुल 234 निर्वाचन क्षेत्रों में से) पर चुनाव लड़ रही है और उसके सहयोगी 70 निर्वाचन क्षेत्रों में मुकाबला कर रहे हैं। वहीं अन्नाद्रमुक 169 सीट पर और उसके सहयोगी 65 सीट पर चुनाव लड़ रहे हैं।
कुल 4,023 उम्मीदवार मैदान में हैं और कुल 5,73,43,291 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे।
भाषा
शुभम पवनेश
पवनेश
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