नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश में योगी सरकार के नौ वर्ष पूरे होने के अवसर पर महिलाओं के सशक्तीकरण को लेकर सरकार ने बड़े बदलावों का दावा किया है. राज्य सरकार के अनुसार महिला सुरक्षा, सम्मान, स्वास्थ्य और आर्थिक स्वावलंबन को प्राथमिकता देते हुए कई योजनाओं का विस्तार किया गया है. इस अवधि में एक करोड़ से अधिक महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ा गया जिससे उनकी आय और आत्मनिर्भरता में वृद्धि हुई है.
कन्या सुमंगला योजना, सामूहिक विवाह योजना और लखपति दीदी योजना जैसी पहलों से लाखों महिलाओं को प्रत्यक्ष लाभ मिला है. सरकार के अनुसार 5 लाख से अधिक बेटियों का विवाह सामूहिक विवाह योजना के तहत कराया गया जबकि करोड़ों महिलाओं और बालिकाओं को जागरूक किया गया है. ग्रामीण क्षेत्रों में बीसी सखी और विद्युत सखी जैसी योजनाओं ने महिलाओं को वित्तीय और तकनीकी कार्यों से जोड़ा है.
इसके माध्यम से हजारों करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ और महिलाओं को कमीशन के रूप में आय प्राप्त हुई. महिला श्रम भागीदारी में भी वृद्धि दर्ज की गई है. इसके साथ ही पेंशन वृद्धि और सुरक्षा योजनाओं से निराश्रित महिलाओं को राहत मिली है. सरकार का दावा है कि इन प्रयासों से उत्तर प्रदेश में महिलाओं की सामाजिक और आर्थिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है.