भोपाल: मध्यप्रदेश के लाखों शिक्षकों के लिए बड़ी खबर है. मुख्यमंत्री Mohan Yadav के नेतृत्व में राज्य सरकार ने 17 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले के खिलाफ पुनर्विचार याचिका दायर की है, जिसमें शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) पास करना जरूरी बताया गया है. शिक्षक संगठनों ने सरकार के इस कदम का स्वागत किया है.
गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने 1 सितंबर 2025 को दिए अपने फैसले में सेवारत शिक्षकों के लिए टीईटी अनिवार्य करने की बात कही थी. फैसले के अनुसार, जिन शिक्षकों की सेवा अवधि 1 सितंबर 2025 को 5 साल से ज्यादा बची है और जिन्होंने टीईटी पास नहीं किया है, उन्हें परीक्षा में बैठना होगा.
वहीं, फैसले के पैरा-216 के अनुसार जिन शिक्षकों की सेवा में 5 साल से कम समय बचा है, अगर वे भविष्य में पदोन्नति चाहते हैं तो उन्हें भी टीईटी पास करना जरूरी होगा, नहीं तो उन्हें पदोन्नति नहीं मिलेगी.
सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद कई कर्मचारी संगठनों ने मुख्यमंत्री मोहन यादव से मुलाकात कर स्थिति से अवगत कराया था.
मुख्यमंत्री ने उन्हें भरोसा दिलाया था कि राज्य सरकार शिक्षकों के हितों के लिए प्रतिबद्ध है और कोर्ट की प्रक्रिया में किसी भी शिक्षक के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि सरकार हर समय शिक्षकों के साथ खड़ी है.