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Saturday, 18 April, 2026
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दक्षिण अफ्रीका से चार चीते कर्नाटक के बैनरघट्टा जैविक उद्यान लाए गए

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बेंगलुरु, 18 अप्रैल (भाषा) कर्नाटक स्थित बैनरघट्टा जैविक उद्यान ने शनिवार को दक्षिण अफ्रीका से दो मादा सहित चार चीतों के यहां पहुंचने की घोषणा की।

उद्यान ने बताया कि दक्षिण अफ्रीका के ‘इंदुना प्राइमेट एंड पैरट पार्क’ से लाए गए ये जानवर वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम के अनुरूप स्वीकृत पशु विनिमय कार्यक्रम के तहत शुक्रवार देर रात लगभग 1:15 बजे केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पहुंचे।

बैनरघट्टा जैविक उद्यान (बीबीपी) द्वारा जारी बयान के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य संरक्षण प्रयासों को मजबूत करना, वन्य आबादी में आनुवंशिक विविधता बढ़ाना, आगंतुकों में जागरूकता पैदा करना और वैज्ञानिक अनुसंधान को बढ़ावा देना है।

वन, पारिस्थितिकी एवं पर्यावरण मंत्री ईश्वर खंड्रे ने हवाई अड्डे के कार्गो टर्मिनल पर चीतों का स्वागत किया।

मंत्री ने अधिकारियों और पशु चिकित्सक दलों को निर्देश दिया कि जानवरों को सहज रूप से नए वातावरण में ढालने के लिए 30 दिनों तक पृथकवास में रखने के प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन, निर्धारित आहार और स्वास्थ्य की कड़ी निगरानी सुनिश्चित की जाए।

उन्होंने कहा कि चीते, जिन्हें स्थानीय स्तर पर कभी “सिवांगी” कहा जाता था, कर्नाटक के जंगलों से विलुप्त हो चुके हैं और ऐसे में चिड़ियाघरों जैसी संस्थाओं के माध्यम से जनजागरूकता बेहद जरूरी है।

उन्होंने कर्नाटक चिड़ियाघर प्राधिकरण (जेडएके) के सदस्य सचिव डॉ. सुनील पंवार को जानवरों की सुरक्षा और कल्याण को प्राथमिकता देने के निर्देश भी दिए।

बीबीपी अधिकारियों ने बताया कि यहां लाए जाने से पहले चीतों की दक्षिण अफ्रीका में पशुपालन विभाग के दिशा-निर्देशों के अनुसार गहन स्वास्थ्य जांच की गयी थी और उन्हें पृथकवास में रखा गया था।

बीबीपी ने बयान में कहा, ‘‘उद्यान पहुंचने पर जानवरों को स्वास्थ्य जांच और निगरानी के लिए निर्धारित पृथकवास केंद्र में रखा गया है, जिसके बाद उन्हें दर्शकों के देखने के लिए उनके बाड़ों में स्थानांतरित किया जाएगा।’’

भाषा गोला सिम्मी

सिम्मी

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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