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Saturday, 18 April, 2026
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महिला आरक्षण विधेयक गिरने से न दक्षिण भारत को न्याय मिला, न महिलाओं को: वाईएसआरसीपी प्रमुख

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अमरावती, 18 अप्रैल (भाषा) वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) के प्रमुख वाई एस जगन मोहन रेड्डी ने कहा है कि लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक के पारित नहीं होने से न तो दक्षिण भारत के साथ न्याय हुआ और न ही महिलाओं के साथ।

लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण 2029 के चुनावों से लागू करने और लोकसभा की सीटों की संख्या बढ़ाकर 816 करने संबंधी संविधान संशोधन विधेयक शुक्रवार को संसद के निचले सदन में पारित नहीं हो पाया।

आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री रेड्डी ने शुक्रवार को ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘विपक्षी दलों को खुद से गंभीरता से सवाल करना चाहिए; उन्होंने क्या हासिल किया है…. न तो दक्षिण को न्याय मिला है और न ही महिलाओं को।’’

उन्होंने कहा कि वास्तविकता यह है कि (बाद में परिसीमन के जरिए) संसद में दक्षिण भारत की लोकसभा सीटों की संख्या कम हो जाएगी। उन्होंने इस बात पर खेद व्यक्त किया कि ‘‘महिलाओं के आरक्षण विधेयक को स्थगित कर दिया गया है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘अगर 2026 की जनगणना होती है तो दक्षिण के लिए स्थिति और खराब हो जाएगी तथा परिवार नियोजन के मामले में अनुशासन लाने के लिए उसे और दंडित किया जाएगा।’’

इस बीच, आंध्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी (एपीसीसी) की अध्यक्ष वाई एस शर्मिला ने कहा कि विधायी निकायों में महिलाओं के लिए आरक्षण की आड़ में चालाकी से बनाया गया ‘‘अवैध कानून (परिसीमन) विफल’’ हो गया है।

कांग्रेस की एक विज्ञप्ति में शर्मिला के हवाले से कहा गया, ‘‘महिला आरक्षण की आड़ में बनाई गई भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की नापाक योजना सफल नहीं हो सकी। महिलाओं को बहाना बनाकर अवैध कानूनों को वैध बनाने की साजिश नाकाम रही।’’

उन्होंने आरोप लगाया कि ‘‘सशक्तीकरण के मुखौटे’’ के पीछे चली गईं भाजपा की ‘‘चालें’’ विफल हो गई हैं।

वहीं, भाजपा की आंध्र प्रदेश इकाई के अध्यक्ष पी वी एन माधव ने महिला आरक्षण विधेयक का विरोध करने को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा और कहा कि उसे ‘‘इसके परिणाम भुगतने होंगे।’’

भाजपा की एक विज्ञप्ति में माधव के हवाले से कहा गया, ‘‘यह दुर्भाग्य है कि कांग्रेस सांसदों ने संसद में पेश महिला आरक्षण विधेयक और लोकसभा निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन के खिलाफ मतदान किया।’’

उन्होंने दावा किया कि इस विधेयक का विरोध करके कांग्रेस ने खुद को ‘‘बेनकाब’’ कर लिया है।

भाषा

सिम्मी गोला

गोला

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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