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Wednesday, 22 April, 2026
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उत्तराखंड विस अध्यक्ष ने महिला आरक्षण संबंधी विधेयक गिरने को महिलाओं के लिए ‘काला दिवस’ बताया

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देहरादून, 17 अप्रैल (भाषा) उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूरी भूषण ने लोकसभा में ‘नारी शक्ति वंदन’ से जुड़े संविधान संशोधन विधेयक के पारित न हो पाने को महिलाओं के लिए ‘काला दिवस’ बताते हुए शुक्रवार को कहा कि देश इतिहास रचने का मौका चूक गया।

यहां जारी एक वीडियो संदेश में भूषण ने कहा कि ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023’ के क्रियान्वयन के लिए आवश्यक संविधान का 131वां संशोधन विधेयक आज संसद में पारित नहीं हो सका।

उन्होंने कहा, “यह हम सभी बहनों के लिए काला दिवस है। आज हम सब बहुत दुखी और परेशान हैं।”

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस विधेयक को संसद में मजबूती से रखा और सभी दलों के सांसदों को इसके महत्व के बारे में बताया।

उन्होंने कहा, “आज इतिहास रचने का समय था, लेकिन हम वह अवसर चूक गए।”

भूषण ने हालांकि विश्वास जताया कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश की आधी आबादी को बहुत जल्द लोकसभा और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा।

लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण 2029 के संसदीय चुनावों से लागू करने से संबंधित संविधान संशोधन विधेयक शुक्रवार को संसद के निचले सदन में पारित नहीं हो पाया।

सदन में ‘संविधान (131वां) संशोधन विधेयक 2026’, पर हुए मत विभाजन के दौरान इसके पक्ष में 298 और विरोध में 230 वोट पड़े।

भाषा दीप्ति खारी

खारी

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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